अन्य संबंधित पोस्ट और लेख
बिल्व या बेल पत्र का महत्व
बिल्व पत्र का भगवान शंकर को प्रिय है। बिल्व पत्र का महत्व बिल्व तथा श्रीफल नाम से प्रसिद्ध यह फल बहुत ही काम का है। यह जिस पेड़ पर लगता है वह शिवद्रुम भी कहलाता है। बिल्व का पेड़ संपन्नता का प्रतीक,...
रावण रचित शिव तांडव स्तोत्र और अर्थ
जटा टवी गलज्जलप्रवाह पावितस्थले गलेऽव लम्ब्यलम्बितां भुजंगतुंग मालिकाम्। डमड्डमड्डमड्डमन्निनाद वड्डमर्वयं चकारचण्डताण्डवं तनोतु नः शिव: शिवम् ॥१॥ उनके बालों से बहने वाले जल से उनका...
मौनी अमावस्या की पौराणिक व्रत कथा एवं पूजा विधि:
मौनी अमावस्या के साथ कोई विशिष्ट "मौनी व्रत" नहीं जुड़ा है, लेकिन व्यक्ति अपनी आध्यात्मिक प्रथाओं के हिस्से के रूप में इस दिन उपवास करना या कुछ पूजा विधियों में शामिल होना चुन सकते हैं। यदि आप मौनी...
श्री गणेश जी की आरती, पूजा और स्तुति मंत्र
श्री गणेश जी की आरती जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥ जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा ॥ एक दंत दयावंत, चार भुजाधारी माथे पे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी ॥ जय गणेश,...
मां सिद्धिदात्री की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, कन्यापूजन की विधि और आरती
मां सिद्धिदात्री की पूजा विधि इस दिन मां की पूजा अर्चना करने के लिए विशेष हवन किया जाता है. यह नवरात्रि का आखिरी दिन है तो इस दिन मां की पूजा अर्चना करने के बाद अन्य देवताओं की भी पूजा की जाती है....
शुक्ल प्रदोष व्रत: भगवान शिव को समर्पित महत्वपूर्ण हिन्दू व्रत
शुक्ल प्रदोष व्रत, हिन्दू धर्म में महत्वपूर्ण एक व्रत है जो भगवान शिव को समर्पित है। इस व्रत को शुक्ल पक्ष के प्रदोष तिथि को मनाया जाता है, जो हिन्दू पंचांग के अनुसार हर मास के दूसरे तिथि होता है।...
महालक्ष्मी व्रत: व्रत उद्यापन और पूजा विधि
महालक्ष्मी व्रत: व्रत उद्यापन और पूजा विधि महालक्ष्मी व्रत भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी को शुरू होता है और आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को समाप्त होता है। यह व्रत कुल 16 दिनों तक चलता...
आध्यात्मिक साक्षात्कार: कृष्ण पक्ष प्रदोष व्रत
कृष्ण पक्ष प्रदोष व्रत हिन्दू धर्म में एक महत्वपूर्ण व्रत है जो भगवान शिव को समर्पित है। प्रदोष व्रत का आयोजन कृष्ण पक्ष के त्रयोदशी तिथि को किया जाता है, जो चंद्रमा के ग्रहण के समय का होता है।...
सावन का महीना शिवजी की अराधना के लिए समर्पित
से शुरू हो रहा है सावन 2023 इस बार सावन का महीना करीब 2 महीने का होने वाला है। इस बार सावन महीने की शुरुआत 4 जुलाई 2023 से हो रही है और 31 अगस्त 2023 को इसका समापन होगा। यानी इस बार भक्तों को भगवान शिव की उपासना...
मौन श्रद्धा: मौनी अमावस्या परंपराएँ
मौनी अमावस्या अपने आध्यात्मिक महत्व के लिए मनाई जाती है और विभिन्न धार्मिक मान्यताओं और प्रथाओं से जुड़ी है। मौनी अमावस्या का उत्सव हिंदू परंपराओं में निहित है, और यह दिन कई कारणों से मनाया जाता...
होलिकोत्सव की अद्भुत पौराणिक गाथा
होलिकोत्सव के सूत्र पुराण साहित्य में पुष्कल उपलब्ध हैं । भविष्योत्तर पुराण में एक कथा के अनुसार- युधिष्ठिर के द्वारा फाल्गुन पूर्णिमा को प्रत्येक गाँव व नगर में उत्सव मनाये जाने प्रत्येक घर...
जया पार्वती व्रत का महत्व, अनुष्ठान और अन्य तथ्य
जया पार्वती व्रत का महत्व, अनुष्ठान और अन्य तथ्य जया-पार्वती व्रत आषाढ़ माह में मनाया जाने वाला पांच दिवसीय अनुष्ठान है। भारत के पश्चिमी भाग, विशेषकर गुजरात की अधिकांश महिलाएँ इसे बड़ी श्रद्धा...
मां महागौरी की चालीसा
मां महागौरी की चालीसा मन मंदिर मेरे आन बसो, आरम्भ करूं गुणगान, गौरी माँ मातेश्वरी, दो चरणों का ध्यान। पूजन विधी न जानती, पर श्रद्धा है आपर, प्रणाम मेरा स्विकारिये, हे माँ प्राण आधार। नमो नमो हे...
बुधवार के उपाय
बुधवार के उपाय धार्मिक मान्यता के मुताबिक बुधवार के दिन खास तौर पर शिवजी और माता पार्वती के पुत्र भगवान गणेश जी की पूजा-अर्चना का विधान है। श्री गणेशजी को विघ्नहर्ता कहा जाता है। मान्यता है कि...
माघ पूर्णिमा : आत्मा की प्रकाश की पूर्णिमा या धार्मिक समर्पण की पूर्णिमा
माघ पूर्णिमा व्रत एक हिन्दू धार्मिक व्रत है जो माघ मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। यह व्रत हिन्दू परम्परा में महत्वपूर्ण माना जाता है और इसे संगीत, ध्यान, धर्मिक कार्यों, और दान-धर्म के रूप...
होली से मिलते - जुलते विदेशी त्योहार
तेरह अप्रैल को थाईलैंड में नव वर्ष 'सौंगक्रान' प्रारंभ होता है इसमें वृद्धजनों के हाथों इत्र मिश्रित जल डलवाकर आशीर्वाद लिया जाता है। लाओस में यह पर्व नववर्ष की खुशी के रूप में मनाया जाता है। लोग...
सभी कष्टों एवं दुखो के निवारण हेतु सम्पूर्ण सुन्दरकाण्ड पाठ
सुन्दर काण्ड श्लोक : * शान्तं शाश्वतमप्रमेयमनघं निर्वाणशान्तिप्रदं ब्रह्माशम्भुफणीन्द्रसेव्यमनिशं वेदान्तवेद्यं विभुम्। रामाख्यं जगदीश्वरं सुरगुरुं मायामनुष्यं हरिं वन्देऽहं करुणाकरं...
आइये जाने हिन्दू संवत्सर के बारे में
क्या होता है संवत्सर ? संवत्सर मूल रूप से वर्ष ही है भारतीय प्रणाली में वर्ष को संवत्सर कहा जाता है हिंदू धर्म बौद्ध धर्म और जैन धर्म के अनुसार कई प्रकार के संवत्सर प्रचलित हैं जैसे विक्रमी संवत...
भगवान शिव की कृपा: मासिक शिवरात्रि के पर्व का आध्यात्मिक दृष्टिकोण
मासिक शिवरात्रि, हिन्दू धर्म में हर माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाई जाने वाली एक विशेष शिवरात्रि है। इसे मासिक शिवरात्रि कहा जाता है, क्योंकि इसे हर माह मनाया जाता है। इस दिन भगवान शिव की...
गुरुवार व्रत की कथा और आरती
गुरूवार व्रत की कथा प्राचीन समय की बात है. किसी राज्य में एक बड़ा प्रतापी तथा दानी राजा राज्य करता था. वह प्रत्येक गुरूवार को व्रत रखता एवं भूखे और गरीबों को दान देकर पुण्य प्राप्त करता था परन्तु...
गौरी तपो व्रत
गौरी तपो व्रत हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, देवी पार्वती ने सबसे पहले भगवान शिव को अपने पति के रूप में पाने के लिए यह व्रत रखा था। वर्षों की 'तपो' के बाद अंततः उसे उसकी इच्छाएँ पूरी हुईं। तब से, उनके...
होली लोकगीत - जोगीरा
होली लोकगीत होली लोकगीत उत्तर भारत का एक लोकप्रिय लोकगीत है। इसमें होली खेलने का वर्णन होता है। यह हिंदी के अतिरिक्त राजस्थानी, पहाड़ी, बिहारी, बंगाली आदि अनेक प्रदेशों की अनेक बोलियों में गाया...
दुर्गा सप्तमी - मां कालरात्रि
शुक्रवार, 8 अप्रैल, चैत्र नवरात्रि का सातवां दिन है। दुर्गा सप्तमी नवरात्रि पर्व का सातवां दिन है। इस दिन मां कालरात्रि की पूजन का विधान है । धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां कालरात्रि दुष्टों...
श्री मन नारायण नारायण नारायण। भजन
श्री मन नारायण नारायण नारायण। भजन भजमन नारायण नारायण नारायण।। श्री मन नारायण नारायण नारायण ,ॐ नारायण नारायण नारायण। लक्ष्मी नारायण नारायण नारायण,ॐ नारायण नारायण नारायण।। गज और...
जानिए वसंत पंचमी पर कैसे करें मां सरस्वती को प्रसन्न और पाएं ये लाभ
मां सरस्वती को प्रसन्न करने के लिए उपाय मां सरस्वती को प्रसन्न करने के लिए आप निम्नलिखित उपायों का अनुसरण कर सकते हैं: श्रद्धापूर्वक पूजा करें: सरस्वती पूजा को श्रद्धापूर्वक और भक्तिभाव से...
गुरु पूर्णिमा का इतिहास, तिथिऔर लोग गुरु पूर्णिमा कैसे मनाते हैं?
गुरु पूर्णिमा एक राष्ट्रीय व्यापी पर्व है जो इस संसार में गुरु के प्रति समर्पित है। गुरु शब्द का प्रयोग उस शिक्षक के लिए किया जाता है जो विद्यार्थी को कुछ भी सिखाता है। यदि हम इसे प्राचीन काल से...
भगवान गणेश की आरती और चालीसा
श्री गणेश जी की चालीसा दोहा जय गणपति सदगुणसदन, कविवर बदन कृपाल। विघ्न हरण मंगल करण, जय जय गिरिजालाल॥ चौपाई जय जय जय गणपति गणराजू। मंगल भरण करण शुभ काजू॥ जय गजबदन सदन सुखदाता। विश्व विनायक...
महागौरी की कथा, मंत्र, ध्यान मंत्र, बीज मंत्र, स्तोत्र और आरती
शिवपुराण के अनुसार, महागौरी को आठ साल की उम्र में ही अपने पूर्व जन्म की घटनाओं का आभास होने लग गया था। उन्होंने इसी उम्र से ही भगवान शिव को अपना पति मान लिया था और शिव को पति रूप में पाने के लिए तपस्या...
नवदुर्गा: माँ दुर्गा के 9 रूप ।
। । या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता । नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम: । । देवी माँ या निर्मल चेतना स्वयं को सभी रूपों में प्रत्यक्ष करती है,और सभी नाम ग्रहण करती है। माँ दुर्गा के...
उत्पन्ना एकादशी
उत्पन्ना एकादशी उत्पन्ना एकादशी या 'उत्तरपट्टी एकादशी' जैसा कि इसे भी जाना जाता है, हिंदू कैलेंडर के 'मार्गशीर्ष' महीने के दौरान कृष्ण पक्ष (चंद्रमा के घटते चरण) के 'एकादशी' (11वें दिन) को मनाई जाती...
सत्यनारायण व्रत कथा
सत्यनारायण व्रत कथा का पहला अध्याय एक समय की बात है नैषिरण्य तीर्थ में शौनिकादि, 88,000 ऋषियों ने श्री सूतजी से पूछा हे प्रभु! इस कलियुग में वेद विद्या रहित मनुष्यों को प्रभु भक्ति किस प्रकार मिल सकती...
भारत के विभिन्न राज्यों की होली
लठमार होली - बरसाना गांव, उत्तर प्रदेश बरसाने की लठमार होली फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष की नवमी को मनाई जाती है। इस दिन नंद गाँव के ग्वाल बाल होली खेलने के लिए राधा रानी के गाँव बरसाने जाते हैं और...
द लेजेंड ऑफ पंडित श्रीधर
वैष्णो देवी से जुड़ी और भी कई किंवदंतियां हैं। उनमें से एक का संबंध है कि पांडवों ने पवित्र गुफा का दौरा किया और वहां एक मंदिर का निर्माण किया। उसके बाद, भयानक राक्षस राजा हिरण्यकशिपु के पुत्र...
भाई दूज 2023
भाई दूज दिवाली के बाद दूसरे दिन मनाया जाता है। भाई दूज का अर्थ नाम में ही दर्शाया गया है, क्योंकि यह एक भाई और एक बहन के बीच प्यार के रिश्ते को दर्शाता है। इस दिन एक बहन अपने भाई की सफलता और समृद्धि...
मुगलकालीन होली कैसे मनायी जाती थी?
मुगल राजाओं की होली होली एक हिंदू त्योहार है जो हजारों साल पहले का है। साक्ष्यों के अनुसार होली मुगल काल से ब्रिटिश काल तक खेली जाती थी। हालाँकि होली को एक हिंदू त्योहार माना जाता है, लेकिन भारत...
कौवे की गरूड़ से दोस्ती
कौवे की गरुड़ से दोस्ती कहानी महाभारत (महाभारत) और भागवत गीता (भागवत गीता) की है। कई लोक कथाओं में भी इस कहानी (कहानी) का उल्लेख मिलता है। एक कौवे की गरुड़ से दोस्ती हो गई। दोनों काफी समय तक साथ रहे।...
दीपावली उत्सव
दिवाली रोशनी का त्योहार है. दिवाली के दिन सभी लोग अपने घरों में दीपक जलाते हैं। लोग अपने घरों को फूलों, दीयों, रंगोली और रोशनी से सजाते हैं। दिवाली एक त्यौहार है जिसे भारत में हिंदू मनाते हैं। यह...
बजरंग बाण
दोहा-निश्चय प्रेम प्रतीति ते बिनय करै सनमान तेहि के कारज सकल शुभ सिद्ध करै हनुमान जय हनुमन्त सन्त हितकारी सुनि लीजै प्रभु विनय हमारी जन के काज विलम्ब न कीजै आतुर दौरि महा सुख दीजै जैसे कूदि...
जय जय जय हनुमान गोसाई
बेगी हरो हनुमान महाप्रभु जो कछु संकट होय हमारो कौन सो संकट मोर गरीब को जो तुम से नहीं जात है टारो । जय जय जय हनुमान गोसाई कृपा करो महाराज । जय जय जय हनुमान गोसाई कृपा करो महाराज । तन में तुम्हरे...
माँ काली चालीसा
॥दोहा॥ जयकाली कलिमलहरण, महिमा अगम अपार । महिष मर्दिनी कालिका, देहु अभय अपार ॥ ॥ चौपाई ॥ अरि मद मान मिटावन हारी । मुण्डमाल गल सोहत प्यारी ॥ अष्टभुजी सुखदायक माता । दुष्टदलन जग में विख्याता...
पांडव निर्जला एकादशी की कथा
पांडव निर्जला एकादशी की कथा दिशानिर्देश और नियामक एक बार महाराजा युधिष्ठिर के छोटे भाई भीमसेन ने पांडवों के दादा, महान ऋषि श्री व्यासदेव से पूछा कि क्या एकादशी व्रत के सभी नियमों और विनियमों...
मेरे मालिक के दरबार में लिरिक्स
मेरे मालिक के दरबार में, सब का खाता, जो कोई जैसी करनी करता, वैसा ही फल पाता, क्या साधू क्या संत गृहस्थी, क्या राजा क्या रानी, प्रभू की पुस्तक में लिक्खी है, सबकी कर्म कहानी, अन्तर्यामी अन्दर...
जानिए कृष्ण पक्ष प्रदोष व्रत का महत्व और भूलकर भी न करें ये गलतियां।
कृष्ण पक्ष प्रदोष व्रत का महत्व कृष्ण पक्ष प्रदोष व्रत का महत्व हिन्दू धर्म में बहुत उच्च माना जाता है, और इसके कई महत्वपूर्ण कारण हैं: भगवान शिव की पूजा: प्रदोष व्रत का मुख्य उद्देश्य भगवान...
धनतेरस का पर्व
धनतेरस से दीपावली के त्योहार का आरंभ माना जाता है। दिवाली या दीपावली रोशनी का त्योहार है। यह हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। हर किसी को इस महापर्व का साल भर इंतजार रहता है। दीपोत्सव...
सोमवती अमावस्या
13 नवंबर को सोमवती अमावस्या है। सोमवती अमावस्या के दिन स्नान दान और पूजा पाठ का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि इस दिन पवित्र नदियों में स्नान के बाद दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती 13 नवंबर...
होलिका दहन 2022 का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
होलिका दहन, हिन्दुओं का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जिसमें होली के एक दिन पहले यानी पूर्व सन्ध्या को होलिका का सांकेतिक रूप से दहन किया जाता है। होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत के पर्व के रूप में मनाया...
महाभारत में यक्ष द्वारा पूछे प्रश्न और उनके उत्तर
यक्ष प्रश्न महाभारत की प्रसिद्ध घटना है। यह अरण्य पर्व में पाया जाता है। यक्ष के प्रश्न का उत्तर देने में विफल रहने पर, नकुल, सहदेव, अर्जुन और भीम मारे जाते हैं, लेकिन जब युधिष्ठिर प्रश्नों का सही...
रविवार व्रत कथा, पूजा विधि, आरती, मंत्र और महत्व,
रविवार व्रत कथा प्राचीन काल की बात किसी नगर में एक बुढ़िया रहती थी। वह हर रविवार को नियमित रूप से व्रत करती थी। इसके लिए रविवार के दिन वह सूर्योदय से पहले जागती और स्नानादि से निवृत्त होकर आंगन की...
पशुपति व्रत, विधि, नियम, कथा, पूजन सामग्री, मंत्र, उद्यापन और फायदे
पशुपति व्रत कैसे करते हैं ,विधि? यदि आप पशुपति व्रत का पालन करने का इरादा रखते हैं, तो ऐसा करने का उचित तरीका जानना महत्वपूर्ण है। आपकी सहायता के लिए यहां कुछ दिशानिर्देश दिए गए हैं। पशुपति का...
कार्तिक मास की कथा
कार्तिक मास की कथा एक नगर में एक ब्राह्मण और ब्राह्मणी रहते थे। वे रोजाना सात कोस दूर गंगा,यमुना स्नान करने जाते थे। इतनी दूर आने-जाने से ब्राह्मणी थक जाती थी तब ब्राह्मणी कहती थी कि हमारे एक बेटा...
