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भगवान गणेश की आरती और चालीसा

श्री गणेश जी की चालीसा दोहा जय गणपति सदगुणसदन, कविवर बदन कृपाल। विघ्न हरण मंगल करण, जय जय गिरिजालाल॥ चौपाई जय जय जय गणपति गणराजू। मंगल भरण करण शुभ काजू॥ जय गजबदन सदन सुखदाता। विश्व विनायक...

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होली मनाने का तरीका

होली की पूर्व संध्या पर यानि कि होली पूजा वाले दिन शाम को बड़ी मात्रा में होलिका दहन किया जाता है और लोग अग्नि की पूजा करते हैं। होली की परिक्रमा शुभ मानी जाती है। किसी सार्वजनिक स्थल या घर के आहाते...

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वीर हनुमाना अति बलवाना राम नाम रसियो रे,प्रभु मन बसियो रे भजन हिंदी लिरिक्स

वीर हनुमाना अति बलवाना राम नाम रसियो रे,प्रभु मन बसियो रे भजन हिंदी लिरिक्स भक्ति भजन गीत विवरण गीत: - वीर हनुमान अति बलवाना, गायक: - नरिश नरशी, गीत: - नरिश नरशी वीर हनुमाना अति बलवाना, राम नाम रसियो...

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क्यों होती है भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा

एक बार की बात है, भगवान विष्णु ने राजा इंद्रदयुम्न को कोई भी वरदान मांगने के लिए कहा। भगवान विष्णु भाति इस बात को सुनकर राजा इंद्रदयुम्न कहा कि हे प्रभु! कि यदि आप अपने महान भक्त से प्रसन्न है तो...

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मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए शुक्रवार को करें ये सिद्ध वैभव लक्ष्मी व्रत, धन- दौलत में होगी अपार बढ़ोतरी

मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए शुक्रवार को करें ये सिद्ध वैभव लक्ष्मी व्रत, धन- दौलत में होगी अपार बढ़ोतरी वैभव लक्ष्मी के व्रत का पालन करने के नियम [1] व्रत प्रक्रिया का पालन करने वाली विवाहित...

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मां कालरात्रि के पूजन मुहूर्त, मंत्र, पूजा विधि और आरती

शारदीय नवरात्रि का 21 अक्टूबर 2023, शनिवार को सातवां दिन है। यह दिन मां कालरात्रि को समर्पित है। मां कालरात्रि का शरीर अंधकार की तरह काला है। मां की श्वास से आग निकलती है। मां के बाल बड़े और बिखरे हुए...

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मंगल भवन अमंगल हरि

हो, मंगल भवन, अमंगल हारी द्रबहु सु दसरथ, अजिर बिहारी आ, राम भगत हित नर्तन धारी सहे संकट किये साधो सुखारी सिया राम जय-जय (राम सिया राम, सिया राम जय-जय राम) हो, होइहैं सोई जो, राम रचि राखा को करि तरक, बढ़ावई...

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बड़े मंगल की तिथियां , महत्व और पूजा विधि

मंगलवार का दिन भगवान हनुमान को समर्पित है। ज्येष्ठ माह में सभी मंगलवार को 'बड़ा मंगल' के रूप में जाना जाता है और हम इस दिन भगवान हनुमान की पूजा करते हैं।इस माह के सभी मंगलो में प्रत्येक मंगलवार...

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जानिए वसंत पंचमी पर कैसे करें मां सरस्वती को प्रसन्न और पाएं ये लाभ

मां सरस्वती को प्रसन्न करने के लिए उपाय मां सरस्वती को प्रसन्न करने के लिए आप निम्नलिखित उपायों का अनुसरण कर सकते हैं: श्रद्धापूर्वक पूजा करें: सरस्वती पूजा को श्रद्धापूर्वक और भक्तिभाव से...

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हनुमान चालीसा के सभी दोहों और चौपाइयों का अर्थ हिंदी में ?

दोहा श्रीगुरु चरण सरोज रज, निज मनु मुकुर सुधारि । बरनउ रघुवर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि॥ बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन कुमार । बल बुधि विद्या देहु मोहि, हरहु कलेश विकार॥ अर्थ : इन पंक्तियों...

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धनतेरस का पर्व

धनतेरस से दीपावली के त्‍योहार का आरंभ माना जाता है। दिवाली या दीपावली रोशनी का त्योहार है। यह हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। हर किसी को इस महापर्व का साल भर इंतजार रहता है। दीपोत्सव...

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रघुनंदन दीनदयाल हो तुम श्रीराम तुम्हारी जय होवे

रघुनन्दन दीनदयाल हो श्री राम तुम्हारी जय होवे राजा राम तुम्हारी जय होवे दीनानाथ तुम्हारी जय होवे रघुनाथ तुम्हारी जय होवे सिया राम तुम्हारी जय होवे रघुनन्दन दीनदयाल हो श्री राम तुम्हारी...

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शुक्रवार संतोषी माता व्रत कथा, व्रत विधि और उद्यापन आरती

कथा एक बुढ़िया थी जिसके सात बेटे थे। उनमे से छह कमाते थे और एक न कमाने वाला था। वह बुढ़िया उन छ: को अच्छी रसोई बनाकर बड़े प्रेम से खिलाती पर सातवें को बचा-खुचा झूठन खिलाती थी। परन्तु वह भोला...

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भगवान शिव की कृपा: मासिक शिवरात्रि के पर्व का आध्यात्मिक दृष्टिकोण

मासिक शिवरात्रि, हिन्दू धर्म में हर माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाई जाने वाली एक विशेष शिवरात्रि है। इसे मासिक शिवरात्रि कहा जाता है, क्योंकि इसे हर माह मनाया जाता है। इस दिन भगवान शिव की...

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होलिका दहन 2022 का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

होलिका दहन, हिन्दुओं का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जिसमें होली के एक दिन पहले यानी पूर्व सन्ध्या को होलिका का सांकेतिक रूप से दहन किया जाता है। होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत के पर्व के रूप में मनाया...

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आइये जाने हिन्दू संवत्सर के बारे में

क्या होता है संवत्सर ? संवत्सर मूल रूप से वर्ष ही है भारतीय प्रणाली में वर्ष को संवत्सर कहा जाता है हिंदू धर्म बौद्ध धर्म और जैन धर्म के अनुसार कई प्रकार के संवत्सर प्रचलित हैं जैसे विक्रमी संवत...

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मौन श्रद्धा: मौनी अमावस्या परंपराएँ

मौनी अमावस्या अपने आध्यात्मिक महत्व के लिए मनाई जाती है और विभिन्न धार्मिक मान्यताओं और प्रथाओं से जुड़ी है। मौनी अमावस्या का उत्सव हिंदू परंपराओं में निहित है, और यह दिन कई कारणों से मनाया जाता...

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गोवर्धन पूजा

पुरे भारत देश में सभी त्योहारों को बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाता है। वेदो के अनुसार गोवर्धन पूजा का हिन्दू धर्म में काफी महत्व है। यह त्यौहार कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को मनाया...

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आध्यात्मिक साक्षात्कार: कृष्ण पक्ष प्रदोष व्रत

कृष्ण पक्ष प्रदोष व्रत हिन्दू धर्म में एक महत्वपूर्ण व्रत है जो भगवान शिव को समर्पित है। प्रदोष व्रत का आयोजन कृष्ण पक्ष के त्रयोदशी तिथि को किया जाता है, जो चंद्रमा के ग्रहण के समय का होता है।...

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उत्पन्ना एकादशी

उत्पन्ना एकादशी उत्पन्ना एकादशी या 'उत्तरपट्टी एकादशी' जैसा कि इसे भी जाना जाता है, हिंदू कैलेंडर के 'मार्गशीर्ष' महीने के दौरान कृष्ण पक्ष (चंद्रमा के घटते चरण) के 'एकादशी' (11वें दिन) को मनाई जाती...

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कार्तिक मास की कथा

कार्तिक मास की कथा एक नगर में एक ब्राह्मण और ब्राह्मणी रहते थे। वे रोजाना सात कोस दूर गंगा,यमुना स्नान करने जाते थे। इतनी दूर आने-जाने से ब्राह्मणी थक जाती थी तब ब्राह्मणी कहती थी कि हमारे एक बेटा...

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रवि प्रदोष व्रत

दिसंबर माह में भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए प्रदोष व्रत रखा जाता है दोनों प्रदोष व्रत रविवार को होने के कारण रवि प्रदोष व्रत होंगे दिसंबर को पहला प्रदोष व्रत 10 दिसंबर, रविवार और दूसरा...

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सोमवती अमावस्या

13 नवंबर को सोमवती अमावस्या है। सोमवती अमावस्या के दिन स्नान दान और पूजा पाठ का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि इस दिन पवित्र नदियों में स्नान के बाद दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती 13 नवंबर...

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मेरे मालिक के दरबार में लिरिक्स

मेरे मालिक के दरबार में, सब का खाता, जो कोई जैसी करनी करता, वैसा ही फल पाता, क्या साधू क्या संत गृहस्थी, क्या राजा क्या रानी, प्रभू की पुस्तक में लिक्खी है, सबकी कर्म कहानी, अन्तर्यामी अन्दर...

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महाभारत में यक्ष द्वारा पूछे प्रश्न और उनके उत्तर

यक्ष प्रश्न महाभारत की प्रसिद्ध घटना है। यह अरण्य पर्व में पाया जाता है। यक्ष के प्रश्न का उत्तर देने में विफल रहने पर, नकुल, सहदेव, अर्जुन और भीम मारे जाते हैं, लेकिन जब युधिष्ठिर प्रश्नों का सही...

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सत्यनारायण व्रत कथा

सत्यनारायण व्रत कथा का पहला अध्याय एक समय की बात है नैषिरण्य तीर्थ में शौनिकादि, 88,000 ऋषियों ने श्री सूतजी से पूछा हे प्रभु! इस कलियुग में वेद विद्या रहित मनुष्यों को प्रभु भक्ति किस प्रकार मिल सकती...

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परिणय सूत्र में बंधे थे श्री राम-जानकी, विवाह पंचमी 2023

2023: हिन्दू धर्म की मान्यताओं के अनुसार विवाह पंचमी 2023 के शुभ अवसर पर भगवान श्री राम तथा माता सीता का विवाह हुआ था| विवाह पंचमी 2023 का त्यौहार मार्गशीर्ष महीने की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता...

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गणेश चतुर्थी 2023: विनायक चतुर्दशी पूजा की तिथि, समय और मुहूर्त

गणेश चतुर्थी 2023: विनायक चतुर्दशी की तिथि, समय और मुहूर्त हिंदू कैलेंडर के अनुसार, विनायक चतुर्दशी 2023 सोमवार, 18 सितंबर को दोपहर 12:39 बजे शुरू होगी और मंगलवार, 19 सितंबर को रात 8:43 बजे समाप्त होगी। इसके अलावा,...

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होलिकोत्सव की अद्भुत पौराणिक गाथा

होलिकोत्सव के सूत्र पुराण साहित्य में पुष्कल उपलब्ध हैं । भविष्योत्तर पुराण में एक कथा के अनुसार- युधिष्ठिर के द्वारा फाल्गुन पूर्णिमा को प्रत्येक गाँव व नगर में उत्सव मनाये जाने प्रत्येक घर...

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नवदुर्गा: माँ दुर्गा के 9 रूप ।

। । या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता । नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम: । । देवी माँ या निर्मल चेतना स्वयं को सभी रूपों में प्रत्यक्ष करती है,और सभी नाम ग्रहण करती है। माँ दुर्गा के...

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मार्गशीर्ष अमावस्या 2023

मार्गशीर्ष अमावस्या 2023: तिथियां और समय इस वर्ष की अमावस्या तिथि 12 दिसंबर, 2023 को 06:26:15 बजे शुरू होती है। और 13 दिसंबर, 2023 को 05:03:23 बजे समाप्त होती है। इस दौरान, ज्योतिषियों का मानना है कि ब्रह्मांड की ऊर्जा...

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माँ काली चालीसा

॥दोहा॥ जयकाली कलिमलहरण, महिमा अगम अपार । महिष मर्दिनी कालिका, देहु अभय अपार ॥ ॥ चौपाई ॥ अरि मद मान मिटावन हारी । मुण्डमाल गल सोहत प्यारी ॥ अष्टभुजी सुखदायक माता । दुष्टदलन जग में विख्याता...

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श्रीराम चालीसा का प्रतिदिन करें पाठ, खुश होंगे हनुमान जी

| | श्री राम चालीसा | | श्री रघुबीर भक्त हितकारी। सुनि लीजै प्रभु अरज हमारी। निशि दिन ध्यान धरै जो कोई। ता सम भक्त और नहीं होई।। ध्यान धरें शिवजी मन मांही। ब्रह्मा, इन्द्र पार नहीं पाहीं।। दूत तुम्हार...

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गणेश चतुर्थी संपूर्ण व्रत कथा

एक समय की बात है कि प्रसेनजित उस मणि को पहने हुए ही कृष्णजी के साथ वन में आखेट के लिए गए। अशुचिता के कारण अश्वारूढ़ प्रसेनजित को एक शेर ने मार डाला। उस सिंह को रत्न लेकर जाते देखकर जाम्बवान ने मार...

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महालक्ष्मी व्रत: व्रत उद्यापन और पूजा विधि

महालक्ष्मी व्रत: व्रत उद्यापन और पूजा विधि महालक्ष्मी व्रत भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी को शुरू होता है और आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को समाप्त होता है। यह व्रत कुल 16 दिनों तक चलता...

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सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र की कहानी

सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र की कहानी सूर्यवंशी कुल के राजा हरिश्चंद्र अयोध्या नगरी के एक प्रतापी राजा थे. राजा हरिश्चंद्र का जीवनकाल सतयुग से सम्बन्धित था. राजा हरिश्चंद्र की पत्नी रानी तारामती...

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शनिवार को शनिवार व्रत करें साढ़े साती से मिलेगी मुक्ति

शनिवार को शनिवार व्रत करें साढ़े साती से मिलेगी मुक्ति शनि देव की पूजा विधि - इस व्रत को रखने के लिए सुबह जल्दी उठकर सबसे पहले स्नान कर लें - इसके बाद साफ कपड़े पहनकर पीपल के पेड़ की जड़ में जल चढ़ाएं...

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शुक्राचार्य द्वारा भगवान शंकर के १०८ नामों का जप

शुक्राचार्य द्वारा भगवान शंकर के १०८ नामों का जप ॐ १. जो देवताओं के स्वामी, २. सुर-असुर द्वारा वन्दित, ३. भूत और भविष्य के महान देवता, ४. हरे और पीले नेत्रों से युक्त, ५. महाबली, ६. बुद्धिस्वरूप, ७....

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पांडव निर्जला एकादशी की कथा

पांडव निर्जला एकादशी की कथा दिशानिर्देश और नियामक एक बार महाराजा युधिष्ठिर के छोटे भाई भीमसेन ने पांडवों के दादा, महान ऋषि श्री व्यासदेव से पूछा कि क्या एकादशी व्रत के सभी नियमों और विनियमों...

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होली पर्व की परम्पराएँ

होली के पर्व की तरह इसकी परंपराएँ भी अत्यंत प्राचीन हैं और इसका स्वरूप और उद्देश्य समय के साथ बदलता रहा है। प्राचीन काल में यह विवाहित महिलाओं द्वारा परिवार की सुख समृद्धि के लिए मनाया जाता था...

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गुरुवार व्रत की कथा और आरती

गुरूवार व्रत की कथा प्राचीन समय की बात है. किसी राज्य में एक बड़ा प्रतापी तथा दानी राजा राज्य करता था. वह प्रत्येक गुरूवार को व्रत रखता एवं भूखे और गरीबों को दान देकर पुण्य प्राप्त करता था परन्तु...

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मुगलकालीन होली कैसे मनायी जाती थी?

मुगल राजाओं की होली होली एक हिंदू त्योहार है जो हजारों साल पहले का है। साक्ष्यों के अनुसार होली मुगल काल से ब्रिटिश काल तक खेली जाती थी। हालाँकि होली को एक हिंदू त्योहार माना जाता है, लेकिन भारत...

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बिल्व या बेल पत्र का महत्व

बिल्व पत्र का भगवान शंकर को प्रिय है। बिल्व पत्र का महत्व बिल्व तथा श्रीफल नाम से प्रसिद्ध यह फल बहुत ही काम का है। यह जिस पेड़ पर लगता है वह शिवद्रुम भी कहलाता है। बिल्व का पेड़ संपन्नता का प्रतीक,...

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सावन का महीना शिवजी की अराधना के लिए समर्पित

से शुरू हो रहा है सावन 2023 इस बार सावन का महीना करीब 2 महीने का होने वाला है। इस बार सावन महीने की शुरुआत 4 जुलाई 2023 से हो रही है और 31 अगस्त 2023 को इसका समापन होगा। यानी इस बार भक्तों को भगवान शिव की उपासना...

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मौनी अमावस्या की पौराणिक व्रत कथा एवं पूजा विधि:

मौनी अमावस्या के साथ कोई विशिष्ट "मौनी व्रत" नहीं जुड़ा है, लेकिन व्यक्ति अपनी आध्यात्मिक प्रथाओं के हिस्से के रूप में इस दिन उपवास करना या कुछ पूजा विधियों में शामिल होना चुन सकते हैं। यदि आप मौनी...

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तुलसी विवाह :2023

तुलसी विवाह :2023 हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को तुलसी विवाह मनाया जाता है। तुलसी को एक पवित्र पौधे के रूप में जाना जाता है। इस वर्ष तुलसी विवाह 23 नवंबर को किया जाएगा। तुलसी को...

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दुर्गा सप्तमी - मां कालरात्रि

शुक्रवार, 8 अप्रैल, चैत्र नवरात्रि का सातवां दिन है। दुर्गा सप्तमी नवरात्रि पर्व का सातवां दिन है। इस दिन मां कालरात्रि की पूजन का विधान है । धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां कालरात्रि दुष्टों...

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जय जय जय हनुमान गोसाई

बेगी हरो हनुमान महाप्रभु जो कछु संकट होय हमारो कौन सो संकट मोर गरीब को जो तुम से नहीं जात है टारो । जय जय जय हनुमान गोसाई कृपा करो महाराज । जय जय जय हनुमान गोसाई कृपा करो महाराज । तन में तुम्हरे...

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मकर संक्रांति दीप्तिमान आनंदोत्सव 2024

संक्रांति का अर्थ प्रत्येक महीने के अंतिम दिन को संक्रांति के रूप में जाना जाता है जो एक महीने के बढ़ने या ख़त्म होने और दूसरे की शुरुआत का प्रतीक है। यह सूर्य-देवता की पूजा है जो पृथ्वी पर जीवन...

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महागौरी की कथा, मंत्र, ध्यान मंत्र, बीज मंत्र, स्तोत्र और आरती

शिवपुराण के अनुसार, महागौरी को आठ साल की उम्र में ही अपने पूर्व जन्म की घटनाओं का आभास होने लग गया था। उन्होंने इसी उम्र से ही भगवान शिव को अपना पति मान लिया था और शिव को पति रूप में पाने के लिए तपस्या...