जया एकादशी: भगवान विष्णु की कृपा के साथ अपने मन को शुद्ध करें

जया एकादशी: भगवान विष्णु की कृपा के साथ अपने मन को शुद्ध करें

जया एकादशी, हिन्दू धर्म में महत्वपूर्ण एकादशी व्रत है जो फाल्गुण मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को मनाई जाती है। इस व्रत का मुख्य उद्देश्य भगवान विष्णु की पूजा करना है और भक्ति में लगकर मोक्ष की प्राप्ति करना है। जया एकादशी को 'अचला एकादशी' भी कहा जाता है।

जया एकादशी के दिन विशेष रूप से विष्णु भगवान की पूजा और भक्ति की जाती है। व्रती लोग इस दिन नींद नहीं करते और पूजा-अर्चना के लिए समर्पित रहते हैं। इस दिन तुलसी के पत्ते, फल, फूल, नीम के पत्ते, गंध, दीप, अखंड दिया, तुलसी का बीज, जल, चन्दन, कुमकुम, रोली, धूप, दूध, घी, धनिया, गुड़, शक्कर, तिल, जौ, बार्ली, खीर, पंचामृत, फल, पुष्प, नैवेद्य, बेलपत्र, धतूरा, बिल्वपत्र, केला, मिश्रित पानी, गोमूत्र, पंचगव्य इत्यादि से भगवान विष्णु की पूजा करते हैं।

जया एकादशी का व्रत करने से सुप्रभात, सुबह, शाम, संध्या, रात्रि, इत्यादि कालों में भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए उनका भगवत भाव से स्मरण करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है, और उन्हें ब्रह्मा, विष्णु, महेश के साथ महान लोकों की प्राप्ति होती है।

जया एकादशी 19 फरवरी को सुबह 08.50 मिनट से 20 फरवरी को सुबह 09.52 मिनट तक रहेगी। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से सारे कष्ट दूर हो जाते हैं।

जया एकादशी के दिन की पूजा विधि को सावधानीपूर्वक और भक्तिभाव से करना चाहिए। यहां जया एकादशी की पूजा विधि का सारांश दिया गया है:

सामग्री:

इस पूजा के लिए आपको तुलसी के पत्ते, फल, फूल, नीम के पत्ते, गंध, दीप, अखंड दिया, तुलसी का बीज, जल, चन्दन, कुमकुम, रोली, धूप, दूध, घी, धनिया, गुड़, शक्कर, तिल, जौ, बार्ली, खीर, पंचामृत, फल, पुष्प, नैवेद्य, बेलपत्र, धतूरा, बिल्वपत्र, केला, मिश्रित पानी, गोमूत्र, पंचगव्य, आदि की आवश्यकता होती है।

पूजा विधि:

पहले तो आपको स्नान करके शुद्धि बनानी चाहिए।
व्रत की शुरुआत में तुलसी के पौधे की पूजा करें।
फिर भगवान विष्णु की मूर्ति या चित्र को सज्जित करें और उन्हें स्वच्छ पानी से स्नान कराएं।
धूप, दीप, गंध, फल, फूल, नैवेद्य, पंचामृत, पुष्प, बेलपत्र, धतूरा, बिल्वपत्र, केला, मिश्रित पानी, गोमूत्र, पंचगव्य, आदि से भगवान की पूजा करें।
भगवान विष्णु की कथा और उनकी गाथाएं पढ़ें या सुनें।
भगवान विष्णु के मन्त्रों का जाप करें, जैसे कि "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" आदि।
व्रत के दिन विशेष रूप से दान करें, जैसे कि अनाज, धन, वस्त्र, आदि।
व्रती को नींद नहीं करनी चाहिए और पूजा-अर्चना के लिए समर्पित रहना चाहिए।
समाप्त में, भगवान की आराधना करते हुए आपको उपवास से बाहर निकलना चाहिए और भोजन करना चाहिए।
यहां दी गई पूजा विधि में उपयुक्त सामग्री और प्रक्रिया का उपयोग करते हुए व्रती भक्त जया एकादशी का उपवास कर सकते हैं।

जया एकादशी के उपवास के दौरान कुछ नियम और विधियाँ होती हैं जो व्रती अनुष्ठान करते हैं। ये नियम धार्मिक और आध्यात्मिक प्रक्रियाओं को समर्थन करने का एक तरीका हो सकते हैं। यहां कुछ आम नियम दिए जा रहे हैं जो जया एकादशी के दिन के उपवास के दौरान अनुष्ठान किए जा सकते हैं:

निषेधात्मक आहार: उपवास के दिन व्रती को निषेधात्मक आहार का पालन करना चाहिए। इसमें अनाज, फल, फूल, दूध, दही, गुड़, शक्कर, साबूदाना, सेंधा नमक, खीर, तिल, नारियल, पानी आदि शामिल हो सकते हैं।
नकारात्मक क्रियाएं नहीं: उपवासी को नकारात्मक क्रियाएं नहीं करनी चाहिए जैसे कि झूले-झूलना, शवासन, कथा रहित भोजन, उग्र भावनाएं रखना आदि।
विशेष पूजा-अर्चना: जया एकादशी के दिन विशेष पूजा और अर्चना का अनुसरण करना चाहिए। भगवान विष्णु की मूर्ति या चित्र की पूजा करना और उनके मन्त्रों का जाप करना उचित है।
सत्संग और ध्यान: उपवासी को सत्संग में भाग लेना और ध्यान करना चाहिए। इससे मन को शांति मिलती है और धार्मिक विचारों में रूचि बनी रहती है।
दान और कर्मकांड: उपवासी को दान करना और कर्मकांड में भाग लेना उचित है। अन्न, वस्त्र, धन, आदि का दान करना एक पुण्यकर्म हो सकता है।
नींद न करें: उपवासी को जया एकादशी के दिन रात्रि में नींद नहीं करनी चाहिए, और जागरूक रहकर भगवान का ध्यान करना चाहिए।

ये नियम व्रती को उपवास के दौरान अनुष्ठान करने में मदद कर सकते हैं और भक्ति और श्रद्धा में वृद्धि कर सकते हैं।
जया एकादशी का अनुष्ठान करने के कई धार्मिक और आध्यात्मिक लाभ हो सकते हैं। यह एक परम्परागत हिन्दू व्रत है जो भगवान विष्णु की पूजा के लिए किया जाता है और इसके कई महत्वपूर्ण लाभ हो सकते हैं:
आध्यात्मिक लाभ: जया एकादशी का अनुष्ठान आध्यात्मिक विकास के प्रति संकल्पित होने का मौका प्रदान करता है। व्रती व्यक्ति इस दिन भगवान विष्णु के प्रति अपनी भक्ति बढ़ाता है और ध्यान में रहकर अपनी आत्मा को प्रशान्ति प्राप्त कर सकता है।
पुण्य अर्जित करना: जया एकादशी के दिन व्रती व्यक्ति नेगेटिविटी से मुक्त होकर पुण्य अर्जित कर सकता है। उपवास और शुद्ध आचरण के माध्यम से व्यक्ति अच्छे कर्मों की दिशा में बढ़ सकता है।
स्वास्थ्य के लाभ: उपवास करने से शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार हो सकता है। यह एक प्रकार का शुद्धिकरण होता है और शारीरिक तथा मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद कर सकता है।
कष्ट और बुराई से मुक्ति: जया एकादशी के उपवास से, व्रती को कष्टों और बुराईयों से मुक्ति मिल सकती है, और उन्हें सकारात्मक ऊर्जा और संतुलन की प्राप्ति हो सकती है।
परिवार में सद्गुण संबंधों का प्रोत्साहन: जया एकादशी के उपवास को पूरे परिवार में मनाने से सभी सदस्यों के बीच सद्गुण संबंध बन सकते हैं, जो परिवार को सुख-शांति में रखने में मदद करता है।
दान का महत्व: इस दिन दान करने का विशेष महत्व है। व्रती व्यक्ति धर्मिक और नैतिक दानों के माध्यम से अच्छे कर्मों का पुण्य कर सकता है।

इन लाभों के अलावा, जया एकादशी का अनुष्ठान व्यक्ति को धार्मिक साधना में आगे बढ़ने में मदद कर सकता है और उसे अध्यात्मिक उन्नति की दिशा में मार्गदर्शन कर सकता है।

अन्य संबंधित पोस्ट और लेख

#

माघ पूर्णिमा : आत्मा की प्रकाश की पूर्णिमा या धार्मिक समर्पण की पूर्णिमा

माघ पूर्णिमा व्रत एक हिन्दू धार्मिक व्रत है जो माघ मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। यह व्रत हिन्दू परम्परा में महत्वपूर्ण माना जाता है और इसे संगीत, ध्यान, धर्मिक कार्यों, और दान-धर्म के रूप...

#

श्रीराम चालीसा का प्रतिदिन करें पाठ, खुश होंगे हनुमान जी

| | श्री राम चालीसा | | श्री रघुबीर भक्त हितकारी। सुनि लीजै प्रभु अरज हमारी। निशि दिन ध्यान धरै जो कोई। ता सम भक्त और नहीं होई।। ध्यान धरें शिवजी मन मांही। ब्रह्मा, इन्द्र पार नहीं पाहीं।। दूत तुम्हार...

#

महालक्ष्मी व्रत: व्रत उद्यापन और पूजा विधि

महालक्ष्मी व्रत: व्रत उद्यापन और पूजा विधि महालक्ष्मी व्रत भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी को शुरू होता है और आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को समाप्त होता है। यह व्रत कुल 16 दिनों तक चलता...

#

सत्यनारायण व्रत कथा

सत्यनारायण व्रत कथा का पहला अध्याय एक समय की बात है नैषिरण्य तीर्थ में शौनिकादि, 88,000 ऋषियों ने श्री सूतजी से पूछा हे प्रभु! इस कलियुग में वेद विद्या रहित मनुष्यों को प्रभु भक्ति किस प्रकार मिल सकती...

#

मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए शुक्रवार को करें ये सिद्ध वैभव लक्ष्मी व्रत, धन- दौलत में होगी अपार बढ़ोतरी

मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए शुक्रवार को करें ये सिद्ध वैभव लक्ष्मी व्रत, धन- दौलत में होगी अपार बढ़ोतरी वैभव लक्ष्मी के व्रत का पालन करने के नियम [1] व्रत प्रक्रिया का पालन करने वाली विवाहित...

#

गौरी तपो व्रत

गौरी तपो व्रत हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, देवी पार्वती ने सबसे पहले भगवान शिव को अपने पति के रूप में पाने के लिए यह व्रत रखा था। वर्षों की 'तपो' के बाद अंततः उसे उसकी इच्छाएँ पूरी हुईं। तब से, उनके...

#

नवदुर्गा: माँ दुर्गा के 9 रूप ।

। । या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता । नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम: । । देवी माँ या निर्मल चेतना स्वयं को सभी रूपों में प्रत्यक्ष करती है,और सभी नाम ग्रहण करती है। माँ दुर्गा के...

#

महागौरी की कथा, मंत्र, ध्यान मंत्र, बीज मंत्र, स्तोत्र और आरती

शिवपुराण के अनुसार, महागौरी को आठ साल की उम्र में ही अपने पूर्व जन्म की घटनाओं का आभास होने लग गया था। उन्होंने इसी उम्र से ही भगवान शिव को अपना पति मान लिया था और शिव को पति रूप में पाने के लिए तपस्या...

#

शनिवार को शनिवार व्रत करें साढ़े साती से मिलेगी मुक्ति

शनिवार को शनिवार व्रत करें साढ़े साती से मिलेगी मुक्ति शनि देव की पूजा विधि - इस व्रत को रखने के लिए सुबह जल्दी उठकर सबसे पहले स्नान कर लें - इसके बाद साफ कपड़े पहनकर पीपल के पेड़ की जड़ में जल चढ़ाएं...

#

दिवाली 2023

दिवाली, रोशनी का हिंदू त्योहार, भारत का सबसे प्रतीक्षित और सभी त्योहारों में सबसे उज्ज्वल है। दिवाली मूल शब्द "दीपावली" का संक्षिप्त रूप है, जो "दीपा" शब्द से बना है, जो दीपक या लालटेन को दर्शाता है,...

#

जानिए कृष्ण पक्ष प्रदोष व्रत का महत्व और भूलकर भी न करें ये गलतियां।

कृष्ण पक्ष प्रदोष व्रत का महत्व कृष्ण पक्ष प्रदोष व्रत का महत्व हिन्दू धर्म में बहुत उच्च माना जाता है, और इसके कई महत्वपूर्ण कारण हैं: भगवान शिव की पूजा: प्रदोष व्रत का मुख्य उद्देश्य भगवान...

#

जानिए वसंत पंचमी पर कैसे करें मां सरस्वती को प्रसन्न और पाएं ये लाभ

मां सरस्वती को प्रसन्न करने के लिए उपाय मां सरस्वती को प्रसन्न करने के लिए आप निम्नलिखित उपायों का अनुसरण कर सकते हैं: श्रद्धापूर्वक पूजा करें: सरस्वती पूजा को श्रद्धापूर्वक और भक्तिभाव से...

#

मौनी अमावस्या की पौराणिक व्रत कथा एवं पूजा विधि:

मौनी अमावस्या के साथ कोई विशिष्ट "मौनी व्रत" नहीं जुड़ा है, लेकिन व्यक्ति अपनी आध्यात्मिक प्रथाओं के हिस्से के रूप में इस दिन उपवास करना या कुछ पूजा विधियों में शामिल होना चुन सकते हैं। यदि आप मौनी...

#

देवउठनी एकादशी की पूजा का शुभ मुहूर्त

सनातन परंपरा में जिस कार्तिक मास के शुक्लपक्ष की देवोत्थान या फिर कहें देवउठनी एकादशी पर श्रीहरि अपनी योगनिद्रा से जागते हैं और उसमें शादी-ब्याह जैसे मांगलिक कार्यों की शुरुआत होती है, उसकी तारीख,...

#

गणेश चतुर्थी संपूर्ण व्रत कथा

एक समय की बात है कि प्रसेनजित उस मणि को पहने हुए ही कृष्णजी के साथ वन में आखेट के लिए गए। अशुचिता के कारण अश्वारूढ़ प्रसेनजित को एक शेर ने मार डाला। उस सिंह को रत्न लेकर जाते देखकर जाम्बवान ने मार...

#

बुधवार के उपाय

बुधवार के उपाय धार्मिक मान्यता के मुताबिक बुधवार के दिन खास तौर पर शिवजी और माता पार्वती के पुत्र भगवान गणेश जी की पूजा-अर्चना का विधान है। श्री गणेशजी को विघ्नहर्ता कहा जाता है। मान्यता है कि...

#

पशुपति व्रत, विधि, नियम, कथा, पूजन सामग्री, मंत्र, उद्यापन और फायदे

पशुपति व्रत कैसे करते हैं ,विधि? यदि आप पशुपति व्रत का पालन करने का इरादा रखते हैं, तो ऐसा करने का उचित तरीका जानना महत्वपूर्ण है। आपकी सहायता के लिए यहां कुछ दिशानिर्देश दिए गए हैं। पशुपति का...

#

गुरु पूर्णिमा का इतिहास, तिथिऔर लोग गुरु पूर्णिमा कैसे मनाते हैं?

गुरु पूर्णिमा एक राष्ट्रीय व्यापी पर्व है जो इस संसार में गुरु के प्रति समर्पित है। गुरु शब्द का प्रयोग उस शिक्षक के लिए किया जाता है जो विद्यार्थी को कुछ भी सिखाता है। यदि हम इसे प्राचीन काल से...

#

माँ काली चालीसा

॥दोहा॥ जयकाली कलिमलहरण, महिमा अगम अपार । महिष मर्दिनी कालिका, देहु अभय अपार ॥ ॥ चौपाई ॥ अरि मद मान मिटावन हारी । मुण्डमाल गल सोहत प्यारी ॥ अष्टभुजी सुखदायक माता । दुष्टदलन जग में विख्याता...

#

हरे कृष्ण गोविन्द मोहन मुरारी भजन लिरिक्स

हरे कृष्ण गोविन्द मोहन मुरारी भजन लिरिक्स जो किस्मत जगत की बनावे हैं सारे तो क्यू ना चले हम उन्ही को पुकारे यही मंत्र जपते हैं ऋषि सन्त सारे यही मंत्र जपते हैं ऋषि सन्त सारे हरे कृष्ण गोविन्द...

#

शुक्राचार्य द्वारा भगवान शंकर के १०८ नामों का जप

शुक्राचार्य द्वारा भगवान शंकर के १०८ नामों का जप ॐ १. जो देवताओं के स्वामी, २. सुर-असुर द्वारा वन्दित, ३. भूत और भविष्य के महान देवता, ४. हरे और पीले नेत्रों से युक्त, ५. महाबली, ६. बुद्धिस्वरूप, ७....

#

कैलाश पर्वत एक अनसुलझा रहस्य, कैलाश पर्वत के इन रहस्यों से नासा भी हो चुका है हैरान!

कैलाश पर्वत, यह एतिहासिक पर्वत को आज तक हम सनातनी भारतीय लोग 'शिव का निवास स्थान' मानते हैं। शास्त्रों में भी यही लिखा है कि कैलाश पर शिव का वास है। किन्तु वही नासा जैसी वैज्ञानिक संस्था के लिए कैलाश...

#

मकर संक्रांति दीप्तिमान आनंदोत्सव 2024

संक्रांति का अर्थ प्रत्येक महीने के अंतिम दिन को संक्रांति के रूप में जाना जाता है जो एक महीने के बढ़ने या ख़त्म होने और दूसरे की शुरुआत का प्रतीक है। यह सूर्य-देवता की पूजा है जो पृथ्वी पर जीवन...

#

देव दिवाली 2023

देव दिवाली देव दिवाली राक्षस त्रिपुरासुर पर भगवान शिव की जीत के उपलक्ष्य में मनाई जाती है। पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान शिव ने कार्तिक मास की पूर्णिमा के दिन त्रिपुरासुर को हराया था। इस जीत का...

#

महाभारत में यक्ष द्वारा पूछे प्रश्न और उनके उत्तर

यक्ष प्रश्न महाभारत की प्रसिद्ध घटना है। यह अरण्य पर्व में पाया जाता है। यक्ष के प्रश्न का उत्तर देने में विफल रहने पर, नकुल, सहदेव, अर्जुन और भीम मारे जाते हैं, लेकिन जब युधिष्ठिर प्रश्नों का सही...

#

शनिवार व्रत कथा, पूजा विधि, आरती और मंत्र

शनिवार व्रत कथा, पूजा विधि, आरती शनिवार का दिन न्याय के देवता शनिदेव को समर्पित है। शनि को कर्मफलदाता माना गया है जो लोगों को उनके अच्छे बुरे दोनों कर्मों का फल देते हैं। अगर जातक की कुंडली में...

#

भाई दूज 2023

भाई दूज दिवाली के बाद दूसरे दिन मनाया जाता है। भाई दूज का अर्थ नाम में ही दर्शाया गया है, क्योंकि यह एक भाई और एक बहन के बीच प्यार के रिश्ते को दर्शाता है। इस दिन एक बहन अपने भाई की सफलता और समृद्धि...

#

काल भैरव जयंती 2023

मार्गशीर्ष माह 28 नवंबर 2023 से शुरू हो रहा है. शिव भक्तों के लिए काल भैरव जयंती बहुत खास होती है, क्योंकि इस दिन भगवान शिव के रौद्र रूप कालभैरव की पूजा की जाती है. ऐसी मान्यता है कि काल भैरव की पूजा करने...

#

कौवे की गरूड़ से दोस्ती

कौवे की गरुड़ से दोस्ती कहानी महाभारत (महाभारत) और भागवत गीता (भागवत गीता) की है। कई लोक कथाओं में भी इस कहानी (कहानी) का उल्लेख मिलता है। एक कौवे की गरुड़ से दोस्ती हो गई। दोनों काफी समय तक साथ रहे।...

#

श्री गणेश जी की आरती, पूजा और स्तुति मंत्र

श्री गणेश जी की आरती जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥ जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा ॥ एक दंत दयावंत, चार भुजाधारी माथे पे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी ॥ जय गणेश,...

#

सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र की कहानी

सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र की कहानी सूर्यवंशी कुल के राजा हरिश्चंद्र अयोध्या नगरी के एक प्रतापी राजा थे. राजा हरिश्चंद्र का जीवनकाल सतयुग से सम्बन्धित था. राजा हरिश्चंद्र की पत्नी रानी तारामती...

#

कार्तिक मास की कथा

कार्तिक मास की कथा एक नगर में एक ब्राह्मण और ब्राह्मणी रहते थे। वे रोजाना सात कोस दूर गंगा,यमुना स्नान करने जाते थे। इतनी दूर आने-जाने से ब्राह्मणी थक जाती थी तब ब्राह्मणी कहती थी कि हमारे एक बेटा...

#

रवि प्रदोष व्रत

दिसंबर माह में भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए प्रदोष व्रत रखा जाता है दोनों प्रदोष व्रत रविवार को होने के कारण रवि प्रदोष व्रत होंगे दिसंबर को पहला प्रदोष व्रत 10 दिसंबर, रविवार और दूसरा...

#

वीर हनुमाना अति बलवाना राम नाम रसियो रे,प्रभु मन बसियो रे भजन हिंदी लिरिक्स

वीर हनुमाना अति बलवाना राम नाम रसियो रे,प्रभु मन बसियो रे भजन हिंदी लिरिक्स भक्ति भजन गीत विवरण गीत: - वीर हनुमान अति बलवाना, गायक: - नरिश नरशी, गीत: - नरिश नरशी वीर हनुमाना अति बलवाना, राम नाम रसियो...

#

मेरे मालिक के दरबार में लिरिक्स

मेरे मालिक के दरबार में, सब का खाता, जो कोई जैसी करनी करता, वैसा ही फल पाता, क्या साधू क्या संत गृहस्थी, क्या राजा क्या रानी, प्रभू की पुस्तक में लिक्खी है, सबकी कर्म कहानी, अन्तर्यामी अन्दर...

#

सभी कष्टों एवं दुखो के निवारण हेतु सम्पूर्ण सुन्दरकाण्ड पाठ

सुन्दर काण्ड श्लोक : * शान्तं शाश्वतमप्रमेयमनघं निर्वाणशान्तिप्रदं ब्रह्माशम्भुफणीन्द्रसेव्यमनिशं वेदान्तवेद्यं विभुम्‌। रामाख्यं जगदीश्वरं सुरगुरुं मायामनुष्यं हरिं वन्देऽहं करुणाकरं...

#

गणेश चतुर्थी 2023: विनायक चतुर्दशी पूजा की तिथि, समय और मुहूर्त

गणेश चतुर्थी 2023: विनायक चतुर्दशी की तिथि, समय और मुहूर्त हिंदू कैलेंडर के अनुसार, विनायक चतुर्दशी 2023 सोमवार, 18 सितंबर को दोपहर 12:39 बजे शुरू होगी और मंगलवार, 19 सितंबर को रात 8:43 बजे समाप्त होगी। इसके अलावा,...

#

जय जय जय हनुमान गोसाई

बेगी हरो हनुमान महाप्रभु जो कछु संकट होय हमारो कौन सो संकट मोर गरीब को जो तुम से नहीं जात है टारो । जय जय जय हनुमान गोसाई कृपा करो महाराज । जय जय जय हनुमान गोसाई कृपा करो महाराज । तन में तुम्हरे...

#

भगवान गणेश की आरती और चालीसा

श्री गणेश जी की चालीसा दोहा जय गणपति सदगुणसदन, कविवर बदन कृपाल। विघ्न हरण मंगल करण, जय जय गिरिजालाल॥ चौपाई जय जय जय गणपति गणराजू। मंगल भरण करण शुभ काजू॥ जय गजबदन सदन सुखदाता। विश्व विनायक...

#

द लेजेंड ऑफ पंडित श्रीधर

वैष्णो देवी से जुड़ी और भी कई किंवदंतियां हैं। उनमें से एक का संबंध है कि पांडवों ने पवित्र गुफा का दौरा किया और वहां एक मंदिर का निर्माण किया। उसके बाद, भयानक राक्षस राजा हिरण्यकशिपु के पुत्र...

#

गुरुवार व्रत की कथा और आरती

गुरूवार व्रत की कथा प्राचीन समय की बात है. किसी राज्य में एक बड़ा प्रतापी तथा दानी राजा राज्य करता था. वह प्रत्येक गुरूवार को व्रत रखता एवं भूखे और गरीबों को दान देकर पुण्य प्राप्त करता था परन्तु...

#

धनतेरस का पर्व

धनतेरस से दीपावली के त्‍योहार का आरंभ माना जाता है। दिवाली या दीपावली रोशनी का त्योहार है। यह हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। हर किसी को इस महापर्व का साल भर इंतजार रहता है। दीपोत्सव...

#

मां सिद्धिदात्री की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, कन्यापूजन की विधि और आरती

मां सिद्धिदात्री की पूजा विधि इस दिन मां की पूजा अर्चना करने के लिए विशेष हवन किया जाता है. यह नवरात्रि का आखिरी दिन है तो इस दिन मां की पूजा अर्चना करने के बाद अन्य देवताओं की भी पूजा की जाती है....

#

उत्पन्ना एकादशी

उत्पन्ना एकादशी उत्पन्ना एकादशी या 'उत्तरपट्टी एकादशी' जैसा कि इसे भी जाना जाता है, हिंदू कैलेंडर के 'मार्गशीर्ष' महीने के दौरान कृष्ण पक्ष (चंद्रमा के घटते चरण) के 'एकादशी' (11वें दिन) को मनाई जाती...

#

संकटमोचन हनुमान अष्टक

बाल समय रवि भक्षी लियो तब तीनहुं लोक भयो अंधियारों ताहि सों त्रास भयो जग को यह संकट काहु सों जात न टारो देवन आनि करी बिनती तब छाड़ी दियो रवि कष्ट निवारो को नहीं जानत है जग में कपि संकटमोचन नाम...

#

सोमवती अमावस्या

13 नवंबर को सोमवती अमावस्या है। सोमवती अमावस्या के दिन स्नान दान और पूजा पाठ का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि इस दिन पवित्र नदियों में स्नान के बाद दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती 13 नवंबर...

#

मौन श्रद्धा: मौनी अमावस्या परंपराएँ

मौनी अमावस्या अपने आध्यात्मिक महत्व के लिए मनाई जाती है और विभिन्न धार्मिक मान्यताओं और प्रथाओं से जुड़ी है। मौनी अमावस्या का उत्सव हिंदू परंपराओं में निहित है, और यह दिन कई कारणों से मनाया जाता...

#

आइये जाने हिन्दू संवत्सर के बारे में

क्या होता है संवत्सर ? संवत्सर मूल रूप से वर्ष ही है भारतीय प्रणाली में वर्ष को संवत्सर कहा जाता है हिंदू धर्म बौद्ध धर्म और जैन धर्म के अनुसार कई प्रकार के संवत्सर प्रचलित हैं जैसे विक्रमी संवत...

#

रावण रचित शिव तांडव स्तोत्र और अर्थ

जटा टवी गलज्जलप्रवाह पावितस्थले गलेऽव लम्ब्यलम्बितां भुजंगतुंग मालिकाम्‌। डमड्डमड्डमड्डमन्निनाद वड्डमर्वयं चकारचण्डताण्डवं तनोतु नः शिव: शिवम्‌ ॥१॥ उनके बालों से बहने वाले जल से उनका...

#

रघुनंदन दीनदयाल हो तुम श्रीराम तुम्हारी जय होवे

रघुनन्दन दीनदयाल हो श्री राम तुम्हारी जय होवे राजा राम तुम्हारी जय होवे दीनानाथ तुम्हारी जय होवे रघुनाथ तुम्हारी जय होवे सिया राम तुम्हारी जय होवे रघुनन्दन दीनदयाल हो श्री राम तुम्हारी...