श्री मन नारायण नारायण नारायण। भजन
श्री मन नारायण नारायण नारायण। भजन
भजमन नारायण नारायण नारायण।।
श्री मन नारायण नारायण नारायण ,ॐ नारायण नारायण नारायण।
लक्ष्मी नारायण नारायण नारायण,ॐ नारायण नारायण नारायण।।
गज और ग्राह लड़त जल भीतर, लड़त-लड़त गज हारायण।
तिल भर सूंड रही जल ऊपर, तब हरिनाम उच्चारायण।।
गज की टेर सुनी रघुनन्दन,गरुण छोड़ पग धारायण।
चक्र सुदर्शन ग्राह सर काट्यो ,गज के पंद छूरायाण।।
श्री मन नारायण नारायण नारायण ,ॐ नारायण नारायण नारायण ।
लक्ष्मी नारायण नारायण नारायण,ॐ नारायण नारायण नारायण।।
शबरी के बेर सुदामा के तन्दुल रुचि-रुचि-भोग लगारायण।
दुर्योधन की घर मेवा त्यागी ,साग विदुर घर पारायण।।
जो नारायण नाम लेत है, मात पिता कुल तारायण।
श्री मन नारायण नारायण नारायण ,ॐ नारायण नारायण नारायण ।
लक्ष्मी नारायण नारायण नारायण,ॐ नारायण नारायण नारायण।।
पैठ पाताल काली नाग नाथ्यो, फन पर नृत्य करायण।
गिरि गोवर्द्धन कर पर धार्यो नन्द का लाल कहारायण।।
श्री मन नारायण नारायण नारायण ,ॐ नारायण नारायण नारायण ।
लक्ष्मी नारायण नारायण नारायण,ॐ नारायण नारायण नारायण।।
असुर बकासुर मार्यो दावानल पान करायण।
खम्भ फाड़ हिरनाकुश मार्यो नरसिंह नाम धरायण।।
श्री मन नारायण नारायण नारायण ,ॐ नारायण नारायण नारायण ।
लक्ष्मी नारायण नारायण नारायण,ॐ नारायण नारायण नारायण।।
अजामिल गज गणिका तारी द्रोपदी चीर बढ़ारायण।
पय पान करत पूतना मारी कुब्जा रूप बनारायण।।
श्री मन नारायण नारायण नारायण ,ॐ नारायण नारायण नारायण
लक्ष्मी नारायण नारायण नारायण,ॐ नारायण नारायण नारायण,
कौर व पाण्डव युद्ध रचायो कौरव मार हटारायण।
दुर्योधन का मन घटायो मोहि भरोसा आयारायण ।।
श्री मन नारायण नारायण नारायण ,ॐ नारायण नारायण नारायण ।
लक्ष्मी नारायण नारायण नारायण,ॐ नारायण नारायण नारायण।।
सब सखियां मिल बन्धन बान्धियो रेशम गांठ बंधारायण।
छूटे नाहिं राधा का संग, कैसे गोवर्धन उठारायण ।।
श्री मन नारायण नारायण नारायण ,ॐ नारायण नारायण नारायण।
लक्ष्मी नारायण नारायण नारायण,ॐ नारायण नारायण नारायण।।
योगी जाको ध्यान धरत हैं ध्यान से भजि आयारायण ।
सूर श्याम तुम्हरे मिलन को यशुदा धेनु चरायण ।।
श्री मन नारायण नारायण नारायण ,ॐ नारायण नारायण नारायण।
लक्ष्मी नारायण नारायण नारायण,ॐ नारायण नारायण नारायण।।
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