परिणय सूत्र में बंधे थे श्री राम-जानकी, विवाह पंचमी 2023

परिणय सूत्र में बंधे थे श्री राम-जानकी, विवाह पंचमी 2023

2023: हिन्दू धर्म की मान्यताओं के अनुसार विवाह पंचमी 2023 के शुभ अवसर पर भगवान श्री राम तथा माता सीता का विवाह हुआ था| विवाह पंचमी 2023 का त्यौहार मार्गशीर्ष महीने की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है|इसी कारण से हिन्दू धर्म में हर साल मार्गशीर्ष महीने की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को प्रभु श्री राम तथा माता सीता के विवाह की सालगिरह के रूप में मनाया जाता है| माना जाता है कि इस दिन भगवान श्री राम के द्वारा जनकपुर राज्य में माता सीता के स्वयंवर पर भगवान शिव का धनुष तोड़ा था तथा माता सीता से विवाह किया था| सम्पूर्ण भारत देश में विवाह पंचमी 2023 का त्यौहार बहुत हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है| 2023विवाह पंचमी 2023 के त्यौहार को अधिकतर अयोध्या तथा जनकपुर राज्यों में बहुत ही भव्य तरीके से मनाया जाता है| विवाह पंचमी 2023 भगवान श्री राम तथा देवी सीता की शादी की सालगिरह के रूप में मनाया जाने वाला एक बहुत लोकप्रिय हिन्दू त्यौहार है| सभी भक्तों के द्वारा सम्पूर्ण श्रद्धा, भक्ति तथा पूर्ण अनुग्रह के साथ विवाह पंचमी 2023 के अनुष्ठान का आनंद लिया जाता है|विवाह पंचमी 2023 के इस शुभ अवसर पर भक्तों के द्वारा मंदिरों तथा घरों में विवाह के मंगल गीत तथा भगवान श्री राम के भजनों का गायन बहुत ही उत्साह के साथ किया जाता है| विवाह पंचमी 2023 के दिन वृन्दावन के निधिवन में स्थित श्री बांके बिहारी जी के प्राकट्य उत्सव के रूप में भी जाना जाता है|

भगवान श्री राम के भक्तों के लिए विवाह पंचमी 2023 का दिन बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है| विवाह पंचमी 2023 के दिन को बहुत ही मंगलकारी तथा शुभ माना जाता है| आगे हम इस लेख के माध्यम से विवाह पंचमी 2023 के शुभ मुहूर्त के बारे में जानेंगे| विवाह पंचमी 2023 शुभ मुहूर्त तथा तिथि – 2023
विवाह पंचमी 2023 का उत्सव – 17 दिसंबर 2023, रविवार
पंचमी तिथि आरंभ – 16 दिसंबर 2023, शनिवार; शाम – 08:00 बजे
पंचमी तिथि समाप्त – 17 दिसंबर 2023, रविवार; शाम – 05:33 बजे

विवाह पंचमी 2023 का महत्व –

पौराणिक कथाओं तथा धार्मिक ग्रंथों के अनुसार यह माना जाता है कि इस दिन महाराजा दशरथ के पुत्र प्रभु श्री राम के साथ राजा जनक की पुत्री देवी सीता का विवाह संपन्न हुआ था| भगवान श्री राम तथा देवी सीता के विवाह का विवरण श्रीरामचरितमानस में मिलता है| माता सीता तथा भगवान श्री राम के विवाह के कारण ही यह विवाह पंचमी 2023 का दिन बहुत ही शुभ तथा मंगलकारी माना जाता है|हिन्दू धर्म में भगवान श्री राम तथा माता सीता को एक आदर्श दंपत्ति माना जाता है| जैसे भगवान श्री राम ने अपनी मर्यादा को बनाए रखकर मर्यादा पुरुषोत्तम का पद हासिल किया| उसी प्रकार माता सीता भी अपनी पवित्रता साबित कर सम्पूर्ण संसार के लिए एक बहुत ही अच्छा उदाहरण बनी| 2023यह विवाह पंचमी 2023 का दिन बहुत ही पवित्र तथा पावन माना जाता है| विवाह पंचमी 2023 के दिन भगवान श्री राम तथा माता सीता की पूजा करने से भक्तों को उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है| इस दिन अयोध्या राज्य में एक भव्य समारोह का आयोजन किया जाता है| जिसे देखने के लिए देश – विदेश से कई सारे लोग अयोध्या आते है|

विवाह पंचमी 2023 के व्रत करना बहुत ही शुभ माना जाता है| विवाह पंचमी 2023 के दिन भगवान श्री राम के प्रिय राम रक्षा स्तोत्र तथा मंत्रों का जाप भी करना चाहिए| भक्तों के द्वारा विवाह पंचमी 2023 को विशेष अनुष्ठान का आयोजन किया जाता है| वर्तमान में जनकपुरी राज्य नेपाल में स्थित है| माना जाता है कि विवाह पंचमी के दिन बहुत सारे स्थानों पर धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है लेकिन विवाह पंचमी के दिन कभी भी किसी का विवाह नहीं किया जाता है|

विवाह पंचमी 2023 पूजा विधि –

इस दिन सुबह जल्दी उठकर भगवान श्री राम के विवाह का संकल्प लेना चाहिए|
विवाह पंचमी के दिन भगवान श्री राम की बारात निकाली जाती है|
घर में भगवान श्री राम तथा माता सीता की प्रतिमा को स्थापित किया जाता है|
इसके पश्चात भगवान श्री राम को पीले रंग के तथा माता सीता को लाल रंग के वस्त्र अर्पित किये जाते है|
भगवान गणेश जी का ध्यान करके विवाह की रस्मों को शुरू किया जाता है|
विवाह की रस्म शुरू करने से पहले हनुमान जी की पूजा तथा उनका आह्वान जरूर करना चाहिए|
हनुमान जी भगवान श्री राम के परम भक्त तथा माता सीता के प्रिय माने जाते है|
इसके पश्चात बालकाण्ड के विवाह प्रसंग का पाठ किया जाता है|
साथ में ‘ओम जानकी वल्लभाय नमः’ मंत्र का 108 बार उच्चारण किया जाता है|
इसके बाद में भगवान श्री राम तथा माता सीता को माला पहनाई जाती है तथा उनका गठबंधन किया जाता है|
श्री राम और माता सीता का गठबंधन करके उनकी आरती की जाती है|
विवाह की रस्म पूरी होने के पश्चात भगवान को भोग लगाया जाता है| इसके बाद पूरे घर में प्रसाद का वितरण किया जाता है|
माना जाता है कि विवाह पंचमी के दिन घर में श्री रामचरितमानस का पाठ करने से जीवन तथा घर में हमेशा सुख – शांति बनी रहती है|
विवाह पंचमी 2023 के दिन भगवान श्री राम तथा सीता माता का ध्यान करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है|

विवाह पंचमी 2023 की पौराणिक कथा –

भगवान श्री राम तथा माता सीता को भगवान विष्णु व लक्ष्मी माता का अवतार माना जाता है| जिन्होंने इस धरती पर राजा जनक की पुत्री तथा महाराज दशरथ के पुत्र के रूप में जन्म लिया था| पुरानी कथाओं के अनुसार यह माना जाता है कि सीता माता का जन्म धरती हुआ था| जब राजा जनक खेत में हल जोत रहे थे|उस समय राजा जनक को नन्ही बच्ची मिली थी| राजा जनक ने उस नन्ही बच्ची को सीता नाम दिया था| इस वजह से सीता माता को जनक पुत्री के नाम से भी जाना जाता है| राजा जनक के पास एक शिव धनुष था| जिसे भगवान परशुराम जी के अलावा अन्य कोई भी व्यक्ति नहीं उठा सकता था| उस धनुष को बचपन में सीता माता ने उठा लिया था|

2023तब राजा जनक ने यह निश्चय किया था कि वह उसी व्यक्ति को अपनी पुत्री के योग्य मानेंगे, जो भगवान शिव के इस धनुष को उठाकर इस पर प्रत्यंचा चढ़ाएगा| इसके पश्चात राजा जनक के द्वारा एक स्वयंवर का आयोजन किया गया| जिसमे कई सारे बड़े – बड़े महारथीयों ने हिस्सा लिया| भगवान श्री राम तथा लक्ष्मण भी महर्षि वशिष्ठ के साथ वहां एक दर्शक के रूप में उपस्थित हुए|कई सारे लोगों ने धनुष पर प्रत्यंचा चढाने का प्रयास किया किन्तु कोई भी व्यक्ति उस धनुष को हिला ना सका| जिससे राजा जनक काफी परेशान होने लगे| राजा की ऐसी दशा को देखकर महर्षि वशिष्ठ ने भगवान राम से इस प्रतियोगिता में भाग लेने को कहा| अपने गुरु की आज्ञा का पालन करके भगवान श्री राम ने उस शिव धनुष को उठाया तथा उस पर प्रत्यंचा चढाने लगे किन्तु वह धनुष टूट गया| इस प्रकार से उस स्वयंवर को जीतकर भगवान श्री राम ने माता सीता से विवाह किया| वही माता सीता ने भी प्रसन्न मन के साथ भगवान श्री राम के गले में वरमाला डाली|

विवाह पंचमी 2023 के दिन इच्छापूर्ति के लिए करें यह उपाय –

वैवाहिक जीवन में चल रही किसी भी प्रकार की समस्या के लिए आपको विवाह पंचमी के दिन श्रीरामचरितमानस के राम – सीता प्रसंग का जप करना चाहिए|
माना जाता है कि श्रीरामचरितमानस को विवाह पंचमी के दिन ही पूर्ण हुई थी| इसी कारण से विवाह पंचमी के दिन श्रीरामचरितमानस का घर में करवाने से घर में उपस्थित सभी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जाएं दूर हो जाती है| तथा सभी प्रकार के संबंध अच्छे बनने लगते है|
मनचाहे वर की प्राप्ति के विवाह पंचमी 2023 का व्रत करके भगवान श्री राम तथा माता सीता की पूजा करनी चाहिए| उनका विवाह संपन्न करवाएं तथा उनसे अपनी इच्छा पूर्ति के लिए कामना करें|
संतान के यदि किसी प्रकार कोई समस्या है तो वह भी इसके द्वारा हल की जा सकती है|
मान्यता है कि इस दिन भगवान श्री राम तथा माता सीता की पूजा करने तथा राम रक्षा स्तोत्र का पाठ करने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है|

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