"चालीसा" शब्द संस्कृत में "चालीस" अर्थात् "40" का अर्थ होता है। "हनुमान चालीसा" एक हिंदू धर्म का प्रसिद्ध भजन है, जो हनुमान जी की महिमा और उनके भक्तों की मांगों की पूर्ति के लिए गाया जाता है। इसे "चालीसा" कहा जाता है क्योंकि यह भजन चालीस पंक्तियों से मिलकर बना है ऐसी मान्यता है कि यदि कोई व्यक्ति हनुमान चालीसा का पाठ करते समय सभी नियमों का पालन नहीं करता है तो उसे पूजा का पूर्ण फल नहीं मिल पाता है। प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करने से मन और मस्तिष्क में आध्यात्मिक बल प्राप्त होता है। हनुमान जी को बल, बुद्धि और विद्या के दाता कहा जाता है, इसलिए हनुमान चालीसा का प्रतिदिन पाठ करना आपकी स्मरण शक्ति और बुद्धि में वृद्धि करता है। साथ ही आत्मिक बल भी मिलता है।
हनुमान चालीसा अवधी में लिखी एक काव्यात्मक कृति है जिसमें प्रभु राम के महान भक्त हनुमान के गुणों एवं कार्यों का चालीस चौपाइयों में वर्णन है।
हनुमान - जिनकी ठोड़ी टूटी हो
रामेष्ट - श्री राम भगवान के भक्त
उधिकर्मण - उद्धार करने वाले
अंजनीसुत - अंजनी के पुत्र
फाल्गुनसखा - फाल्गुन माघ को पसन्द करने वाले
सीतासोकविनाशक - देवी सीता के शोक का विनाश करने वाले
वायुपुत्र - हवा के पुत्र
पिंगाक्ष - भूरी आँखों वाले
लक्ष्मण प्राणदाता - लक्ष्मण के प्राण बचाने वाले
महाबली - बहुत शक्तिशाली वानर
अमित विक्रम - अत्यन्त वीरपुरुष
दशग्रीव दर्प: - रावण के गर्व को दूर करने वाले
16 वीं शताब्दी के भारतीय कवि तुलसीदास ने हनुमान को समर्पित एक भक्ति गीत हनुमान चालीसा लिखा था।