सनातन धर्म से संबंधित प्रश्न और उत्तर

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माता मन्सा देवी मन्दिर (पंचकुला)

माता मन्सा देवी मन्दिर भारत के हरियाणा राज्य के पंचकूला जिले में मन्सा देवी को समर्पित एक हिंदू मंदिर है। मंदिर परिसर शिवालिक की तलहटी मे गांव बिलासपुर में 100 एकड़ मे बना है जोकि चण्डी मंदिर से 10 किमी, की दूरी पर है और इस क्षेत्र में एक और प्रसिद्ध देवी मंदिर, दोनों ही चंडीगढ़ के बाहर है। यह एक त्तरी भारत का प्रमुख शक्ति मंदिर है। नवरात्र उत्सव मंदिर में नौ दिनों के लिए मनाया जाता है, जोकि साल मे दो बार आता है जिसमे लाखों भक्त मंदिर मे आते हैं। चैत्र और अश्विन महीने के दौरान श्रद्धायम नवरात्रि मेला मंदिर के परिसर में आयोजित किया जाता है । हर साल दो नवरात्रि मेला आश्विन (शारदीया, शरद या शीतकालीन नवरात्र) के महीनों में और श्राइन बोर्ड द्वारा बसंत नवरात्रि के चैत्र माह में दूसरे दिन आयोजित किए जाते हैं।

माता मन्सा देवी मन्दिर कैसे पहुंचें ?

हवाई यात्रा द्वारा

चंडीगढ़ अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा से माता मनसा देवी मंदिर तक की दूरी 31 किलोमीटर है !

ट्रेन द्वारा

चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन से माता मनसा देवी मंदिर तक की दूरी 8 किलोमीटर है !

सड़क के द्वारा

पंचकूला बस स्टैंड से भी मनसा देवी मंदिर आसानी से पहुंचा जा सकता है !

मनसा देवी मंदिर, हरिद्वार

यह मंदिर अत्यंत ही प्रसिद्ध है तथा हरिद्वार से 3 किमी की दूरी पर स्थित है। यहाँ पर माता शक्तिपीठ पर स्थापित दुख दूर करतीं हैं। यहाँ 3 मंदिर हैं। यहाँ के एक वृक्ष पर सूत्र बाँधा जाता है परंतु मनसा पूर्ण होने के बाद सूत्र निकालना आवश्यक है।[10][11]

यह मंदिर सुबह ८ बजे से शाम ५ बजे तक खुला रहता है। दोपहर में 2 घंटे के लिए १२ से २ तक मंदिर के पट बंद कर दिए जाते है जिसमे माँ मनसा का श्रृंगार और भोग लगता है। मंदिर परिसर में एक पेड़ है जिसपे भक्त मनोकामना पूर्ति के लिए एक पवित्र धागा बांधते है।

मनसा देवी मंदिर, पंचकुला

माता मनसा चंडीगढ़ के समीप पंचकूला में विराजमान होकर दुख दूर करतीं हैं। यहाँ नवरात्रि में भव्य मेले का आयोजन प्रतिवर्ष होता है, यह 100 एकड़ में फैला विशाल मंदिर है। यह मंदिर सन् 1811-1815 के मध्य राजा गोलासिह द्वारा बनवाया गया था।

मनसा देवी मुख्यत: नाग से आच्छादित तथा कमल पर विराजित हैं 7 नाग उनके रक्षण में सदैव विद्यमान हैं। कई बार देवी के चित्रों तथा भित्ति चित्रों में उन्हें एक बालक के साथ दिखाया गया है जिसे वे गोद में लिये हैं, वह बालक देवी का पुत्र आस्तिक है।