सनातन धर्म से संबंधित प्रश्न और उत्तर

वैदिक युग की कथाओं के अनुसार ऋषि अत्रि का विवाह अनसूया देवी से हुआ था। उनके तीन बेटे थे, दत्तात्रेय, दुर्वासा और चंद्र ।

अनसूया प्रजापति कर्दम और देवहूति की 9 कन्याओं में से एक तथा अत्रि मुनि की पत्नी थीं। उनकी पति-भक्ति अर्थात् सतीत्व का तेज इतना अधिक था के उसके कारण आकाशमार्ग से जाते देवों को उसके प्रताप का अनुभव होता था। इसी कारण उन्हें 'सती अनसूया' भी कहा जाता है।

अनसूया (संस्कृत: अनसूया, रोमानीकृत: अनसूया, शाब्दिक रूप से 'ईर्ष्या और द्वेष से मुक्त') एक तपस्वी है, और हिंदू धर्म में ऋषि अत्रि की पत्नी है । वह हिंदू ग्रंथों में देवहुति और प्रजापति कर्दम की बेटी हैं।

भगवान दत्तात्रेय, ब्रह्मा, विष्णु, महेश की शक्तियों से प्रकट हुए थे ये हर साल अगहन महीने की पूर्णिमा पर दत्तात्रेय जयंती मनाई जाती है। मान्यताओं के अनुसार भगवान दत्तात्रेय को ब्रह्मा, विष्णु, महेश तीनों का ही स्वरूप माना जाता है।

संस्कृत में - "ॐ प्राँ प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः ॥" अंग्रेजी में - "ओम प्राम प्रीम प्रौम सह शनैश्चराय नमः।" अर्थ - "मैं अपने सभी दुखों को दूर करने और मुझे शांति और संतोष प्रदान करने के लिए शनिदेव का ध्यान करता हूं।"