भीम
भीम
हिंदु धर्म के महाकाव्य महाभारत के अनुसार भीम पाण्डवों में तीसरे स्थान पर थे। वे पवनदेव के वरदान स्वरूप कुन्ती से उत्पन्न हुए थे, लेकिन अन्य पाण्डवों के विपरीत भीम की प्रशंसा पाण्डु द्वारा की गई थी। सभी पाण्डवों में वे सर्वाधिक बलशाली और श्रेष्ठ कद-काठी के थे एवं युधिष्ठिर के सबसे प्रिय सहोदर थे। भीमसेन पौराणिक बल का गुणगान पूरे काव्य में किया गया है।
जैसे:- "सभी गदाधारियों में भीम के समान कोई नहीं है और ऐसा भी कोई जो गज की सवारी करने में इतना योग्य हो और बल में तो वे दस हज़ार हाथियों के समान है। युद्ध कला में पारंगत और सक्रिय, जिन्हें यदि क्रोध दिलाया जाए जो कई धृतराष्ट्रों को वे समाप्त कर सकते हैं। सदैव रोषरत और बलवान, युद्ध में तो स्वयं इन्द्र भी उन्हें परास्त नहीं कर सकते।"
वनवास काल में इन्होने अनेक राक्षसों का वध किया जिसमें बकासुर एवं हिडिंब आदि प्रमुख हैं एवं अज्ञातवास में विराट नरेश के साले कीचक का वध करके द्रौपदी की रक्षा की। यह गदा युद़्ध में बहुत ही प्रवीण थे एवं द्रोणाचार्य और बलराम के शिष़्य थे। युधिष्ठिर के राजसूय यज्ञ में राजाओं की कमी होने पर उन्होने मगध के शासक जरासंध को परास्त करके ८६ राजाओं को मुक्त कराया। द्रौपदी के चीरहरण का बदला लेने के लिए उन्होने दुःशासन की छाती फाड़ कर उसका रक्त पान किया। भीम काम्यक वन नामक राक्षसी वन का राजा था। महा दैत्य वन का पूर्व राजा हिडिंबसुर राक्षस था।
महाभारत के युद्ध में भीम ने ही सारे कौरव भाइयों का वध किया था। इन्ही के द्वारा दुर्योधन के वध के साथ ही महाभारत के युद्ध का अंत हो गया।
भीम से संबंधित प्रमुख प्रश्न
Read All Questions- घटोत्कच को क्यों मारा गया?
- भीम की मुलाकात हनुमान जी से कब हुई?
- घटोत्कच का पुत्र कौन है?
- कुरुक्षेत्र में घटोत्कच को किसने मारा?
- भीम की पहली पत्नी कौन थी?
- कृष्ण ने बर्बरीक को क्यों रोका?
- क्या द्रौपदी के बच्चे थे?
- इतिहास में घटोत्कच कौन है?
- क्या कर्ण ने घटोत्कच को हराया था?
- भीम की दूसरी पत्नी कौन थी?
- बर्बरीक की पत्नी कौन है ?
- बर्बरीक को सत्ता किसने दी थी?
- भीम और द्रौपदी पुत्र कौन हैं ?
- क्या भीम को हिडिंबा से प्यार था?
- भीम हिडिम्बा की पत्नी कौन है?
- बर्बरीक का सिर अब कहाँ है?
- बर्बरीक ने महाभारत में युद्ध क्यों नहीं किया?
- बलराम के शिष्यों के क्या नाम थे?
- बर्बरीक को खाटू श्याम क्यों कहा जाता है?
भीम से संबंधित प्रमुख कहानियाँ
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कुंती का त्याग
पाण्डव अपनी मां कुंती के साथ इधर से उधर भ्रमण कर रहे थे| वे ब्राह्मणों का वेश धारण किए हुए थे| भिक्षा मांगकर खाते थे और रात में वृक्ष के नीचे सो जाया करते थे| भाग्य और समय की यह कैसी अद्भुत लीला है|...
कुरुक्षेत्र के युद्ध में घटोत्कच
जंगल में अपने वनवास के दौरान पांडव आगे चलने के लिए बहुत थके हुए थे, तब भीम को घटोत्कच की याद आती है, जो तुरंत पांडवों के सामने प्रकट हुए, और भीम के कहने पर कई राक्षसों को भी मार गिराया। घटोत्कच पांचाली...
जरासंध : जन्म, वध
महर्षि वेदव्यास द्वारा रचित महाभारत ग्रंथ में अनेक महारथी व बलशाली राजाओं का वर्णन है। ऐसा ही एक महारथी राजा था जरासंध। उसके जन्म व मृत्यु की कथा भी बहुत ही रोचक है। जरासंध मगध (वर्तमान बिहार)...
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भीम को यह अभिमान हो गया था कि संसार में मुझसे अधिक बलवान कोई और नहीं है| सौ हाथियों का बल है उसमें, उसे कोई परास्त नहीं कर सकता... और भगवान अपने सेवक में किसी भी प्रकार का अभिमान रहने नहीं देते| इसलिए...
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धर्मराज की धार्मिकता
महाराज युधिष्ठिर ने जब सुना कि श्रीकृष्ण ने अपनी लीला का संवरण कर लिया है और यादव परस्पर कलह से ही नष्ट हो चुके हैं, तब उन्होंने अर्जुन के पौत्र परीक्षित का राजतिलक कर दिया| स्वयं सब वस्त्र एवं आभूषण...
भीम जब पहुंचे नागलोक में
पाँचों पाण्डव - युधिष्ठिर, भीम, अर्जुन, नकुल और सहदेव - पितामह भीष्म तथा विदुर की छत्रछाया में बड़े होने लगे। उन पाँचों में भीम सर्वाधिक शक्तिशाली थे। वे दस-बीस बालकों को सहज में ही गिरा देते थे।...
पांडवों तथा कौरवों का जन्म
एक बार राजा पाण्डु अपनी दोनों पत्नियों - कुन्ती तथा माद्री - के साथ आखेट के लिये वन में गये। वहाँ उन्हें एक मृग का मैथुनरत जोड़ा दृष्टिगत हुआ। पाण्डु ने तत्काल अपने बाण से उस मृग को घायल कर दिया।...
द्रुपद से द्रोण का प्रतिशोध
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मायावी घटोत्कच
भीमसेन का विवाह हिडिंबा नाम की एक राक्षसी के साथ भी हुआ था| वह भीमसेन पर आसक्त हो गई थी और उसने स्वयं आकर माता कुंती से प्रार्थना की थी कि वे उसका विवाह भीमसेन के साथ करा दें| कुंती ने उस विवाह की अनुमति...
हिडिम्बा की कहानी
लाक्षा गृह (लाख घर) के जलने के बाद, पांडवों ने उस स्थान को छोड़ने के लिए जल्दबाजी की और उसी रात वे उस स्थान को छोड़कर एक दूर जंगल में पहुँच गए। यह एक अंधेरी रात थी और जंगल घना था और पांडवों को रास्ते...
बर्बरीक - महाभारत की कहानी
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धृतराष्ट्र के एक वैश्य वर्ण की पत्नी थी| उसी के गर्भ से युयुत्सु का जन्म हुआ था| युयुत्सु का स्वभाव गांधारी के सभी पुत्रों से बिलकुल अलग था| वह आपसी कलह और विद्वेष का विरोधी था और सदा धर्म और न्याय...
भीम और अर्जुन के साथ महाभारत में हनुमान
भीम और अर्जुन के साथ महाभारत में हनुमान भीम और हनुमान एक दिन द्रौपदी को सौगंधिका के फूल चाहिए थे। इस प्रकार, भीम अपनी पत्नी को प्रभावित करने और उन्हें वांछित फूल लाने के लिए गए। भीम को रास्ते में...
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भीमसेन कुंती का दूसरा पुत्र था| इसका जन्म पवन देवता के संयोग से हुआ था, इसी कारण इसमें पवन की-सी शक्ति थी| इसके उदर में वृक नामक तीक्ष्ण अग्नि थी, इसीलिए इसका नाम वृकोदर भी पड़ा| जिस समय इसका जन्म हुआ,...
श्रीकृष्ण दौड़े चले आए
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जब द्रोणाचार्य ने पाण्डव तथा कौरव राजकुमारों के शस्त्रास्त्र विद्या की परीक्षा ली
द्रोणाचार्य ने पाण्डव तथा कौरव राजकुमारों के शस्त्रास्त्र विद्या की परीक्षा लेने का विचार किया। इसके लिये एक विशाल मण्डप बनाया गया। वहाँ पर राज परिवार के लोग तथा अन्य प्रतिष्ठित व्यक्ति उपस्थित...
