वह हिंदू धर्म में करुणा, कोमलता और प्रेम के देवता हैं, और भारतीय देवताओं में सबसे लोकप्रिय और व्यापक रूप से पूजनीय हैं।
धर्म ग्रंथो के अनुसार कालिया नाग के 100 सिर (फन) बताये जाते हैं !
पक्षीराज गरुड़ से शत्रुता हो जाने के कारण वह यमुना नदी में रहने लगा था।
मान्यतानुसार कालिया एक अत्यन्त विषैला नाग था। मान्यता है कि इस पांच फण वाला नाग था। नंदगाँव के वन वृन्दावन में यमुना के अन्दर रहता था। वह कश्यप ऋषि का कद्रू के गर्भ से उत्पन्न पुत्र था।