मन्दोदरी

मन्दोदरी

मन्दोदरी

मन्दोदरी रामायण के पात्र, पंच-कन्याओं में से एक हैं जिन्हें चिर-कुमारी कहा गया है। मन्दोदरी मयदानव की पुत्री थी। उसका विवाह लंकापति रावण के साथ हुआ था।

हेमा नामक अप्सरा से उत्पन्न रावण की पटरानी जो मेघनाथ की माता तथा मायासुर की कन्या थी। अतिकाय रावण की दूसरी पटरानी हेममालिनी का पुत्र था व मेघनाद और अक्षयकुमार मन्दोदरी के पुत्र थे। रावण को सदा यह अच्छी सलाह देती थी और कहा जाता है कि अपने पति के मनोरंजनार्थ इसीने शतरंज के खेल का प्रारम्भ किया था। इसकी गणना भी पंचकन्याओं में है !

मंदोदरी महान ऋषि कश्यप के पुत्र मायासुर की गोद ली हुई पुत्री थी, रावण से शादी के पच्यात मंदोदरी के तीन पुत्र हुए जिनका नाम मेघनाद अक्षकुमार और अतिक्य था कुछ कथाओं के अनुसार मंदोदरी अपने पूर्व जन्म में एक मेंडकी थी और सप्तऋषि के आशीर्वाद से उन्हें मनुष्य रूप मिला था !

मन्दोदरी से संबंधित प्रमुख प्रश्न

Read All Questions

मन्दोदरी से संबंधित प्रमुख कहानियाँ

Read All Stories
मंदोदरी-रावण  का विवाह

मंदोदरी-रावण का विवाह

रामायण के समय में, तपस्या के माध्यम से, कोई व्यक्ति वास्तविक जीवन में अपनी अंतर्निहित इच्छाओं को प्राप्त कर सकता था, और ऐसी इच्छाओं को दुनिया में बहुत अधिक महत्व दिया जाता था। मयासुर एक कुशल वास्तुकार ...

रावण के जन्म की कथा

रावण के जन्म की कथा

जब श्रीराम अयोध्या में राज्य करने लगे तब एक दिन समस्त ऋषि-मुनि श्रीरघुनाथजी का अभिनन्दन करने के लिये अयोध्यापुरी में आये। श्रीरामचन्द्रजी ने उन सबका यथोचित सत्कार किया। वार्तालाप करते हुये...