कृष्ण रुक्मिणी विवाह कथा

कृष्ण रुक्मिणी विवाह कथा

विदर्भ के राजा भीष्मक की कन्या रूक्मिणी थी, रूक्मिणी के भाई थे रूक्म। रूक्म अपनी बहन की शादी शिशुपाल से करना चाहता था परंतु देवी रूक्मणी अपने मन में श्री कृष्ण को पति मान चुकी थी। अत: देवी रूक्मणी ने श्री कृष्ण को एक पत्र लिखा। पत्र प्राप्त कर श्री कृष्ण विदर्भ पहुंचे और स्वयंवर के दिन रुक्मिणी को लेकर अपने साथ चल दिए। रूम्मणी के हरण की बात जानकर शिशुपाल जिससे रुक्मिणी की शादी होने वाली थी वह तथा उसका भाई रूक्म अपनी अपनी सेना लेकर कृष्ण को सजा देने के लिए आगे आये लेकिन श्री कृष्ण ने सभी को पराजित कर दिया और रुक्मिणी सहित अपने राज्य को लौट आये जहां कृष्ण और रुक्मिणी का विवाह सम्पन्न हुआ।

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जगन्नाथ रथयात्रा हिंदू धर्म का एक प्रमुख त्योहार है, जो पुरी, उड़ीसा में हर साल होता है। इस त्योहार में, भगवान जगन्नाथ, उनके भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की मूर्तियाँ उनकी मंदिर से निकालकर उनके विशाल...

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श्रीकृष्ण और रुक्मिणी विवाह

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क्यों पीपल के वृक्ष के साथ ही शनिदेव के पूजन की परंपरा है ?

त्रेतायुग में एक बार बारिश के अभाव से अकाल पड़ा। तब कौशिक मुनि परिवार के लालन-पालन के लिए अपना गृहस्थान छोड़कर अन्यत्र जाने के लिए अपनी पत्नी और पुत्रों के साथ चल दिए। फिर भी परिवार का भरण-पोषण...

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पौष पुत्रदा एकादशी, जिसे दुर्मुखी एकादशी भी कहा जाता है, हिन्दू कैलेंडर के मास 'पौष' में आने वाली एकादशी है। इस तिथि को विशेष रूप से विष्णु भगवान की पूजा की जाती है और भक्तों के लिए यह एक महत्वपूर्ण...

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दुर्गा और महिषासुर की कहानी

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नागमाता मनसा देवी

मनसा माता भगवान शिव की पुत्री हैं। उन्होंने तपस्या के द्वारा अपना शरीर सुखा दिया जिसकी वजह से उनका नाम जरत्कारु पड़ा। पिता शिव से उन्हें नागलोक का साम्राज्य मिला। मनसा देवी नागों की माता हैं।...

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गणेश जी का विवाह किस से और कैसे हुआ?

गणेश जी भगवान शिव और देवी पार्वती के पुत्र गणेश जी की पूजा सभी भगवानों से पहले की जाती है | प्रत्येक शुभ कार्य करने से पहले इन्हे ही पूजा जाता है| गणेश जी को गणपति के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि...

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भगवती तुलसी की कथा

तुलसी से जुड़ी एक कथा बहुत प्रचलित है। श्रीमद देवी भागवत पुराण में इनके अवतरण की दिव्य लीला कथा भी बनाई गई है। एक बार शिव ने अपने तेज को समुद्र में फैंक दिया था। उससे एक महातेजस्वी बालक ने जन्म लिया।...

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ब्रह्मांड के भगवान को नापसंद करने का कारण

ब्रह्मांड का भगवान नापसंद करने का कारण विदुर ने पूछा, “शिव इस सृष्टि में सभी सजीव और निर्जीव वस्तुओं के पिता हैं। ऐसा कोई नहीं है जिसे वह नापसंद करता हो। वह शांतिपूर्ण स्वभाव का है और पूरी तरह से...

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चन्द्रमा को शाप से मुक्ति

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दैवीय शक्ति का अनावरण: बड़ा मंगल की तिथियां, महत्व और पूजा विधि

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आस्था और पवित्रता का त्योहार-सकट चतुर्थी: भक्ति से बाधाओं को दूर करना

"सकट चतुर्थी", जिसे "संकष्टी चतुर्थी" भी कहा जाता है, भगवान गणेश को समर्पित एक हिंदू त्योहार है। यह प्रत्येक चंद्र माह में कृष्ण पक्ष (चंद्रमा के घटते चरण) के चौथे दिन (चतुर्थी) को मनाया जाता है। हालाँकि,...

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शिव और देवी गंगा की कहानी

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भस्मासुर की कहानी

भारतीय पौराणिक कथा मूर्ख भस्मासुर एक असुर या दानव के बारे में है जो सबसे शक्तिशाली बनना चाहता था। भस्मासुर की कहानी राक्षस भस्मासुर के इर्द-गिर्द घूमती है, जो घोर तपस्या के माध्यम से भगवान शिव...

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भगवान गणेश और कार्तिकेय के बीच बुद्धिमता का परिचय

कार्तिकेय बनाम गणेश हमारे परिवारों में सहोदर प्रतिद्वंद्विता काफी आम है, जो साहित्य हम पढ़ते हैं और फिल्में जो हमारा मनोरंजन करती हैं। यहाँ तक कि सर्वज्ञ, सर्वशक्तिमान देवता भी इससे प्रतिरक्षित...

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नवरात्र की कथा

प्राचीन समय में राजा सुरथ नाम के राजा थे, राजा प्रजा की रक्षा में उदासीन रहने लगे थे,परिणाम स्वरूप पड़ोसी राजा ने उस पर चढाई कर दी,सुरथ की सेना भी शत्रु से मिल गयी थी,परिणामस्वरूप राजा सुरथ की हार...

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नवरात्रि का कलश स्थापना: प्राचीन परंपरा और धार्मिक उत्सव

नवरात्रि:- भारतीय हिंदू कैलेंडर के अनुसार वर्षभर मनाया जाने वाला एक प्रमुख धार्मिक उत्सव है। इस उत्सव का अर्थ होता है "नौ रातें"। नवरात्रि नौ दिनों तक चलती है, जिसमें देवी दुर्गा के नौ रूपों की...

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रक्षाबंधन की कहानी

रक्षाबंधन का त्योहार श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। भगवान विष्णु ने वामन अवतार धारण कर बलि राजा के अभिमान को इसी दिन चकानाचूर किया था। इसलिए यह त्योहार 'बलेव' नाम से भी प्रसिद्ध है। महाराष्ट्र...

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प्रदोष व्रत कथा: भगवान शिव की कृपा से मुक्ति की प्राप्ति

कृष्ण पक्ष प्रदोष व्रत की कथा भगवान शिव के श्रद्धालु भक्तों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहां इस व्रत की कुछ मुख्य कथाएं हैं: कथा 1: राजा मंदता और मृत्यु का वरदान कहानी यहां से शुरू होती है कि...

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हनुमान की जन्म कथा

हनुमान की जन्म कथा यह केसरी और अंजना के पुत्र पवनपुत्र हनुमान की जन्म कथा है। वह भगवान राम के प्रति अपनी अतुलनीय भक्ति के लिए प्रसिद्ध थे। अपनी निस्वार्थ सेवा और भक्ति से, हनुमान ने भगवान राम और...

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प्राचीन काल में एक राजा थे। उनके कोई संतान नहीं थी। अत्याधिक पूजा-अर्चना व मन्नतों के पश्चात दैव योग से उन्हें पुत्र प्राप्ति हुई। ज्योंतिषियों ने बालक की कुण्डली बनाते समय भविष्यवाणी की कि इस...

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महर्षि भृगु ने भगवान विष्णु को क्यों त्रिदेवों में सर्वश्रेष्ठ माना ?

महर्षि भृगु ब्रह्माजी के मानस पुत्र थे। उनकी पत्नी का नाम ख्याति था जो दक्ष की पुत्री थी। महर्षि भृगु सप्तर्षिमंडल के एक ऋषि हैं। सावन और भाद्रपद में वे भगवान सूर्य के रथ पर सवार रहते हैं।एक बार...

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हनुमान ने तोड़ा था सत्यभामा,सुदर्शन चक्र और गरुड़ तीनो का घमंड

हनुमान ने तोड़ा था सत्यभामा,सुदर्शन चक्र और गरुड़ तीनो का घमंड श्रीकृष्ण भगवान द्वारका में रानी सत्यभामा के साथ सिंहासन पर विराजमान थे। निकट ही गरूड़ और सुदर्शन चक्र भी बैठे हुए थे। तीनों के...

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गणेश जी की जन्म की रोचक कहानी

रोचक कहानी उन्हें दक्षिण भारत में कार्तिकेय स्वामी के बड़े भाई के रूप में जाना जाता है। एक बार जब देवी पार्वती स्नान करने गईं तो उन्होंने हल्दी का लेप लिया और उससे एक मानव रूप बनाया। उसने फिर इस...

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सती अनुसुइया ने ब्रह्मा,विष्णु,महेश को शिशु बनाया

सती अनुसुइया ने ब्रह्मा,विष्णु,महेश को शिशु बनाया सती अनुसुइया महर्षि अत्रि की पत्नी थीं। अत्रि ऋषि ब्रह्मा जी के मानस पुत्र और सप्तऋषियों में से एक थे। अनुसुइया का स्थान भारतवर्ष की सती-साध्वी...

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जब ठगे गए गणेश जी

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कन्नप्पा नयनार की कहानी

थिन्नन :प्रतिष्ठित तीरंदाज नागान पोथापी के जंगल क्षेत्र में एक आदिवासी प्रमुख थे। उनके और उनकी पत्नी थथथाई के बहुत लंबे समय से बच्चे नहीं थे और वे भगवान कार्तिकेय (शिव के पुत्र) से प्रार्थना कर...

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गणेश का जन्म

गणेश का जन्म एक दिन माता पार्वती घर में कैलाश पर्वत पर स्नान करने की तैयारी कर रही थीं। जैसा कि वह परेशान नहीं होना चाहती थी, उसने अपने पति शिव के बैल नंदी से दरवाजे की रक्षा करने और किसी को भी पास...

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गणेश और चूहा गजमुखासुर :एक दैत्य बहुत समय पहले गजमुखासुर नाम का एक दैत्य था। असुर का अर्थ होता है राक्षस या दुष्ट आत्मा। वह सुपर पावरफुल बनकर ब्रह्मांड पर राज करना चाहता था। वह भगवान शिव से प्रार्थना...

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राधा - कृष्ण

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गणेश जी की पौराणिक कथा

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वैशाख पूर्णिमा को हिंदी में "वैशाख पूर्णिमा" या "बुद्ध पूर्णिमा" कहा जाता है। यह हिंदू धर्म का महत्वपूर्ण त्योहार है जो वैशाख माह के पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। इस दिन भगवान बुद्ध का जन्म, महापरिनिर्वाण,...