वृष कपि भगवान हनुमान जी का अवतार थे। इन्होने भगवान इन्द्र के अनुरोध पर महा शनी का वध किया था।
पौराणिक कथाओं के अनुसार ऋष्यशृंग विभाण्डक तथा अप्सरा उर्वशी के पुत्र थे।
उनका विवाह अंगदेश के राजा रोमपाद की दत्तक पुत्री शान्ता से सम्पन्न हुआ जो कि वास्तव में दशरथ की पुत्री थीं।
उनके नाम को लेकर यह उल्लेख है कि उनके माथे पर सींग जैसा उभार होने की वजह से उनका यह नाम पड़ा था।