राम अवतार
राम अवतार रामचन्द्र प्राचीन भारत में जन्मे, एक महापुरुष थे। हिन्दू धर्म में, राम, विष्णु के १० अवतारों में से एक हैं।
राम, अयोध्या के राजा दशरथ और रानी कौशल्या के सबसे बड़े पुत्र थे। राम की पत्नी का नाम सीता था (जो लक्ष्मी का अवतार मानी जाती है) और इनके तीन भाई थे, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न। हनुमान, भगवान राम के, सबसे बडे भक्त माने जाते है।
राम ने राक्षस जाति के राजा रावण का वध किया| माना जाता है कि राम का जन्म प्राचीन भारत में हुआ था। उनके जन्म के समय का अनुमान सही से नही लगाया जा सका है , परन्तु विशेषज्ञों का मानना है कि राम का जन्म तकरीबन आज से ९,००० वर्ष (७३२३ ईसा पूर्व) हुआ था। धर्म के मार्ग पर चलने वाले राम ने अपने तीनो भाइयों के साथ गुरू वशिष्ठ से शिक्षा प्राप्त की । किशोरवय में विश्वामित्र उन्हे वन में राक्षसों व्दारा मचाए जा रहे उत्पात को समाप्त करने के लिए गये।
राम के साथ उनके छोटे भाई लक्ष्मण भी इस कार्य में उनके साथ हो गए। राम ने उस समय ताड़का नामक राक्षसी को मारा तथा मारिच को पलायन के लिए मजबूर किया। इस दौरान ही विश्वमित्र उन्हे मिथिला लेकर गये। वहॉं के विदेह राजा जनक ने अपनी पुत्री के विवाह के लिए एक समारोह आयोजित किया था। भगवान शिव का एक धनुष था जिसपर प्रत्यंचा चढ़ा देने वाले शूर से सीता का विवाह किया जाना था। बहुत सारे राजा महाराजा उस समारोह में पधारे थे ।
बहुत से राजाओं के प्रयत्न के बाद भी जब धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाना तो दूर धनुष उठा तक नहीं तब विश्वामित्र की आज्ञा पाकर राम ने धनुष उठा कर प्रत्यंचा चढ़ाने की कोशिश की। उनकी प्रत्यंचा चढाने की कोशिश में वह महान धुनुष ही घोर ध्वनि करते हुए टूट गया। महर्षि परशुराम ने जब वह घोर ध्वनि सुनि तो वहॉं आये और अपने गुरू (शिव) का धनुष टूटनें पर रोष व्यक्त करने लगे तब राम ने बीच-बचाव किया। इस प्रकार सीता का विवाह राम से हुआ और परशुराम सहित समस्त लोगो ने आर्शीवाद दिया।
राजा दशरथ वानप्रस्थ की ओर अग्रसर हो रहे थे अत उन्होने राज्यभार राम को सौंपनें का सोचा। उस समय राम के अन्य दो भाई भरत और शत्रुघ्न अपने ननिहाल कैकेय गए हुए थे। मंथरा, जो रानी कैकेयी की दासी थी, ने कैकेयी को भरमाया कि राजा तुम्हारे साथ गलत कर रहें है। तुम राजा की प्रिय रानी हो तो तुम्हारी संतान को राजा बनना चाहिए पर राजा दशरथ राम को राजा बनाना चाहते हैं। कैकेयी चाहती थी उनके पु्त्र भरत राजा बनें, इसलिए उन्होने राम को, दशरथ द्वरा, १४ वर्ष का वनवास दिलाया। राम ने अपने पिता की आज्ञा का पालन किया। राम की पत्नी सीता, और उनके भाई लक्ष्मण भी वनवास गये थे।
वनवास के समय रावण ने सीता का हरण किया था। राम, अपने भाई लक्ष्मण के साथ, सीता की खोज मे दर-दर भटक रहे थे, तब वह हनुमान और सुग्रीव नामक दो वानरों से मिले। हनुमान, राम के सबसे बडे भक्त बने। सीता को बचाने के लिये राम ने, हनुमान और वानर सेना की मदद से,रावण से युद्ध किया और उसे परास्त किया था। भगवान राम ने जब रावण को युद्ध में परास्त कर दिया तब उसके छोटे भाई विभीषण को लंका का राजा बना दिया. राम , सीता , लक्षमन और कुछ वानर जन पुष्पक विमान से अयोध्या को प्रस्थान कर गए !
वहा सबसे मिलने के बाद राम और सीता अयोध्या के राजा और रानी का पद स्वीकार किया !
अन्य संबंधित कहानियां और कथाएं
मधु और कैटभ
दो महापराक्रमी दानव : मधु और कैटभ मधु-कैटभ उत्पत्ति कल्पांत तक सोते हुए विष्णु के कानों की मैल प्राचीन समय की बात है। चारों ओर जल-ही-जल था, केवल भगवान विष्णु शेषनाग की शैय्या पर सोये हुए थे। उनके...
वराह अवतार
वराह अवतार हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार भगवान विष्णु के दस अवतारों में से तृतीय अवतार हैं जो भाद्रपद में शुक्ल पक्ष की तृतीया को अवतरित हुए। वराह अवतार की कथाहिरण्याक्ष और हिरण्यकशिपु ने जब...
विष्णु और लक्ष्मी के बीच विवाह
यमदीपदान ज्योतिषीय गणना के अनुसार, राजा हिमा के सोलह वर्षीय पुत्र की शादी के चौथे दिन सर्पदंश से मृत्यु निश्चित थी। उस विशेष रात में, उनकी युवा पत्नी ने उन्हें सोने नहीं दिया। उसने अपने पति के...
श्रीकृष्ण अवतार
भगवान विष्णु ने श्रीकृष्ण के रूप मे देवकी और वसुदेव के घर मे जन्म लिया था। उनका लालन पालन यशोदा और नंद ने किया था। इस अवतार का विस्तृत वर्णन श्रीमद्भागवत पुराण मे मिलता है।कृष्ण हिन्दू धर्म में...
भगवान विष्णु के वामन अवतार की कथा
भगवान विष्णु के वामन रूपी अवतार की कहानी बड़ी ही रोचक है क्योंकि इस पौराणिक कथा में देवों और दैत्यों के बीच हुए युद्ध में जीत और हार के साथ ही अपने वचन निभाने की कसौटी का बड़ी ही ख़ूबसूरती से वर्णन...
नरसिंह अवतार
नरसिंह अवतार हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार भगवान विष्णु के दस अवतारों में से चतुर्थ अवतार हैं जो वैशाख में शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को अवतरित हुए। पृथ्वी के उद्धार के समय भगवान ने वाराह अवतार...
कच्छप अवतार
कूर्म अवतार को कच्छप अवतार (कछुआ अवतार) भी कहते हैं।कूर्म अवतार में भगवान विष्णु ने क्षीरसागर के समुद्रमंथन के समय मंदर पर्वत को अपने कवच पर संभाला था। इस प्रकार भगवान विष्णु, मंदर पर्वत और वासुकि...
बुद्ध अवतार
इसमें विष्णु जी बुद्ध के रूप में असुरों को वेद की शिक्षा के लिये तैयार करने के लिये प्रकट हुए। गौतम बुद्ध बौद्ध धर्म के प्रवर्तक थे। राजकुमार सिद्धार्थ के रूप में उनका जन्म 563 ई0 पूर्व तथा मृत्यु...
वामन अवतार
वामन अवतार हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार भगवान विष्णु के दस अवतारों में से पाँचवें अवतार हैं जो भाद्रपद में शुक्ल पक्ष की द्वादशी को अवतरित हुए।आचार्य शुक्र ने अपनी संजीवनी विद्या से बलि तथा दूसरे...
परशुराम अवतार
परशुराम राजा प्रसेनजित की पुत्री रेणुका और भृगुवंशीय जमदग्नि के पुत्र, विष्णु के अवतार और शिव के परम भक्त थे। इन्हें शिव से विशेष परशु प्राप्त हुआ था। इनका नाम तो राम था, किन्तु शंकर द्वारा प्रदत्त...
जया और विजया की कहानी
सृष्टि की प्रक्रिया की शुरुआत भगवान ब्रह्मा ने 'चार कुमारों' या 'चतुरसन' की रचना की। जैसा कि चार कुमार ब्रह्मा की इच्छा (मानस) से मन से पैदा हुए थे, उन्हें उनके मानसपुत्र कहा जाता है। उनके नाम हैं:...
मत्स्य अवतार
मत्स्य अवतार भगवान विष्णु का प्रथम अवतार है। मछली के रूप में अवतार लेकर भगवान विष्णु ने एक ऋषि को सब प्रकार के जीव-जन्तु एकत्रित करने के लिये कहा और पृथ्वी जब जल में डूब रही थी, तब मत्स्य अवतार...
भगवान विष्णु के चार महीने तक सोने का रहस्य
भगवान विष्णु के चार महीने तक सोने का रहस्य यह तो हम सभी जानते हैं और हमारे धर्म ग्रंथो में भी बताया जाता है कि भगवान विष्णु शेषनाग की शैय्या पर सोते हैं। वे इंसानी वर्ष के हिसाब से चार महीने तक सोते...
कल्कि अवतार
इसमें विष्णु जी भविष्य में कलियुग के अन्त में आयेंगे। कल्कि विष्णु का भविष्य में आने वाला अवतार माना जाता है। पुराणकथाओं के अनुसार कलियुग में पाप की सीमा पार होने पर विश्व में दुष्टों के संहार...
प्रह्लाद की कहानी
हिरण्यकशिपु दैत्यों का राजा था। दैत्य, यद्यपि देवों या देवताओं के समान कुल में पैदा हुए थे, फिर भी वे हमेशा देवताओं के साथ युद्ध में रहते थे। दैत्यों की मानव जाति के यज्ञों और अर्पणों में, या दुनिया...
