महाभारत से संबंधित कहानियां और कथाएं

वनवास के दौरान द्रौपदी के पास महर्षि दुर्वासा के आने की कहानी

पांडवों के वनवास के दौरान आए दिन कोई न कोई ब्राह्मण उनके यहां भोजन करने आया ही करते थे। वन में निवास कर रहे श्रेष्ठ ब्राह्मणों को भोजन की कोई कमी न हो, इसके लिए युधिष्ठिर ने तपस्या करके भगवान सूर्य...

भीम जब पहुंचे नागलोक में

पाँचों पाण्डव - युधिष्ठिर, भीम, अर्जुन, नकुल और सहदेव - पितामह भीष्म तथा विदुर की छत्रछाया में बड़े होने लगे। उन पाँचों में भीम सर्वाधिक शक्तिशाली थे। वे दस-बीस बालकों को सहज में ही गिरा देते थे।...

धर्मराज युधिष्ठिर

युधिष्ठिर पांडु का ज्येष्ठ पुत्र था| धर्मराज द्वारा कुंती के आह्वान पर बुलाए जाने पर उनके अंश से ही यह पैदा हुआ था, इसलिए धर्म और न्याय इसके चरित्र में कूट-कूटकर भरा था| इसी के कारण इसको धर्मराज...

कुंती का त्याग

पाण्डव अपनी मां कुंती के साथ इधर से उधर भ्रमण कर रहे थे| वे ब्राह्मणों का वेश धारण किए हुए थे| भिक्षा मांगकर खाते थे और रात में वृक्ष के नीचे सो जाया करते थे| भाग्य और समय की यह कैसी अद्भुत लीला है|...

कपटी शकुनि

शकुनि गांधारराज सुबल का पुत्र था | गांधारी इसी की बहन थी | वह गांधारी के स्वभाव से विपरीत स्वभाव वाला था | जहां गांधारी के स्वभाव में उदारता, विनम्रता, स्थिरता और साधना की पवित्रता थी, वहीं शकुनि के...

महाबली भीमसेन

भीमसेन कुंती का दूसरा पुत्र था| इसका जन्म पवन देवता के संयोग से हुआ था, इसी कारण इसमें पवन की-सी शक्ति थी| इसके उदर में वृक नामक तीक्ष्ण अग्नि थी, इसीलिए इसका नाम वृकोदर भी पड़ा| जिस समय इसका जन्म हुआ,...