कर्ण: एक सारथी पुत्र
भीष्म के ऊपर लालन पालन का भार धृतराष्ट्र, पाण्डु और विदुर के लालन पालन का भार भीष्म के ऊपर था। तीनों पुत्र बड़े होने पर विद्या-अध्ययन के लिए भेजे गए। धृतराष्ट्र बल विद्या में, पाण्डु धनुर्विद्या...
हिडिम्बा की कहानी
लाक्षा गृह (लाख घर) के जलने के बाद, पांडवों ने उस स्थान को छोड़ने के लिए जल्दबाजी की और उसी रात वे उस स्थान को छोड़कर एक दूर जंगल में पहुँच गए। यह एक अंधेरी रात थी और जंगल घना था और पांडवों को रास्ते...
महाबली भीमसेन
भीमसेन कुंती का दूसरा पुत्र था| इसका जन्म पवन देवता के संयोग से हुआ था, इसी कारण इसमें पवन की-सी शक्ति थी| इसके उदर में वृक नामक तीक्ष्ण अग्नि थी, इसीलिए इसका नाम वृकोदर भी पड़ा| जिस समय इसका जन्म हुआ,...
जरासंध : जन्म, वध
महर्षि वेदव्यास द्वारा रचित महाभारत ग्रंथ में अनेक महारथी व बलशाली राजाओं का वर्णन है। ऐसा ही एक महारथी राजा था जरासंध। उसके जन्म व मृत्यु की कथा भी बहुत ही रोचक है। जरासंध मगध (वर्तमान बिहार)...
धर्मराज की धार्मिकता
महाराज युधिष्ठिर ने जब सुना कि श्रीकृष्ण ने अपनी लीला का संवरण कर लिया है और यादव परस्पर कलह से ही नष्ट हो चुके हैं, तब उन्होंने अर्जुन के पौत्र परीक्षित का राजतिलक कर दिया| स्वयं सब वस्त्र एवं आभूषण...
जब सहदेव ने खाया अपने पिता पांडु का मांस
जब सहदेव ने खाया अपने पिता पांडु का मांस महाभारत से जुड़े ऐसे कई रहस्य हैं, जिनके बारे में बहुत कम ही लोगों को पता है। ऐसा ही एक रहस्य पांडवों से जुड़ा हुआ है, जिसके बारे में जानकर आपको बेहद हैरानी...