अर्जुन का अहंकार
एक बार अर्जुन को अहंकार हो गया कि वही भगवान के सबसे बड़े भक्त हैं। उनकी इस भावना को श्रीकृष्ण ने समझ लिया। एक दिन वह अर्जुन को अपने साथ घुमाने ले गए। रास्ते में उनकी मुलाकात एक गरीब ब्राह्मण से हुई।...
किरात-अर्जुन का युद्ध
हिमालय की तराई में एक सघन वन था| वन में तरह-तरह के पशु-पक्षी रहते थे| वहीं जगह-जगह ऋषियों की झोंपड़ियां भी बनी हुई थीं| ऐसा लगता था मानो प्रकृति ने अपने हाथों से उस वन को संवारा हो| उन्हीं झोंपड़ियों...
कुंती का त्याग
पाण्डव अपनी मां कुंती के साथ इधर से उधर भ्रमण कर रहे थे| वे ब्राह्मणों का वेश धारण किए हुए थे| भिक्षा मांगकर खाते थे और रात में वृक्ष के नीचे सो जाया करते थे| भाग्य और समय की यह कैसी अद्भुत लीला है|...
जरासंध : जन्म, वध
महर्षि वेदव्यास द्वारा रचित महाभारत ग्रंथ में अनेक महारथी व बलशाली राजाओं का वर्णन है। ऐसा ही एक महारथी राजा था जरासंध। उसके जन्म व मृत्यु की कथा भी बहुत ही रोचक है। जरासंध मगध (वर्तमान बिहार)...
वनवास के दौरान द्रौपदी के पास महर्षि दुर्वासा के आने की कहानी
पांडवों के वनवास के दौरान आए दिन कोई न कोई ब्राह्मण उनके यहां भोजन करने आया ही करते थे। वन में निवास कर रहे श्रेष्ठ ब्राह्मणों को भोजन की कोई कमी न हो, इसके लिए युधिष्ठिर ने तपस्या करके भगवान सूर्य...
घटोत्कच की मृत्यु
यह महाभारत में भीमसेन द्वारा प्रदर्शित दस गुणों को उजागर करने वाले पदों की श्रृंखला की निरंतरता है। श्री माधवाचार्य ने अपने महाभारत तत्कालिक निर्णय में दस गुणों की व्याख्या इस प्रकार की है भक्तिर्जानं...