महाभारत से संबंधित कहानियां और कथाएं

ऐसे बचाई द्रौपदी की लाज

युधिष्ठिर जुए में अपना सर्वस्व हार गए थे| छलपूर्वक, शकुनि ने उनका समस्त वैभव जीत लिया था| अपने भाइयों को, अपने को और रानी द्रौपदी को भी बारी-बारी से युधिष्ठिर ने दांव पर रखा| जुआरी की दुराशा उसे बुरी...

वनवास के दौरान द्रौपदी के पास महर्षि दुर्वासा के आने की कहानी

पांडवों के वनवास के दौरान आए दिन कोई न कोई ब्राह्मण उनके यहां भोजन करने आया ही करते थे। वन में निवास कर रहे श्रेष्ठ ब्राह्मणों को भोजन की कोई कमी न हो, इसके लिए युधिष्ठिर ने तपस्या करके भगवान सूर्य...

धनुर्धर अर्जुन

अर्जुन कुंती का सबसे छोटा पुत्र था| इसके पिता का नाम पाण्डु था, लेकिन वास्तविक पिता तो इसका इंद्र था| पाण्डु रोगग्रस्त था और पुत्र पैदा करने की उसमें सामर्थ्य नहीं थी| इसी कारण उसने कुंती को अन्य...

द्रुपद से द्रोण का प्रतिशोध

जब पाण्डव तथा कौरव राजकुमारों की शिक्षा पूर्ण हो गई तो उन्होंने द्रोणाचार्य को गुरु दक्षिणा देना चाहा। द्रोणाचार्य को द्रुपद के द्वारा किये गये अपने अपमान का स्मरण हो आया और उन्होंने राजकुमारों...

जरासंध : जन्म, वध

महर्षि वेदव्यास द्वारा रचित महाभारत ग्रंथ में अनेक महारथी व बलशाली राजाओं का वर्णन है। ऐसा ही एक महारथी राजा था जरासंध। उसके जन्म व मृत्यु की कथा भी बहुत ही रोचक है। जरासंध मगध (वर्तमान बिहार)...

घटोत्कच की मृत्यु

यह महाभारत में भीमसेन द्वारा प्रदर्शित दस गुणों को उजागर करने वाले पदों की श्रृंखला की निरंतरता है। श्री माधवाचार्य ने अपने महाभारत तत्कालिक निर्णय में दस गुणों की व्याख्या इस प्रकार की है भक्तिर्जानं...