कैकेयी चाहती थीं कि उनके पुत्र भरत को अयोध्या के राजा के रूप में ताज पहनाया जाए। वह दशरथ के ज्येष्ठ राम के प्रति समस्त अयोध्या की भावनाओं को जानती थी।