धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कहा जाता है कि लंका के अहंकारी राजा रावण को भगवान श्रीराम के सामने चार बार हार का सामना करना पड़ा था। रावण सबसे पहले किष्किंधा के राजा बाली से हारा था। बाली को ब्रह्मा जी से वरदान प्राप्त था कि वह जिससे भी लड़ेगा तो उसके दुश्मन या सामने वाले की शक्ति उसमे आ जाएगी। जिस कारण बाली रावण से ज़ादा शक्तिशाली था।