बलराम जी मल्लयुद्ध, कुश्ती व गदायुद्ध में पारंगत थे। वह हमेशा हाथ में हल धारण करते थे, इसलिए उन्हें हलधर भी कहते हैं। भगवान बलराम जी की के जन्म की एक और कथा प्रचलित है। धर्म ग्रंथों के अनुसार, एक बार प्रभु श्री राम जी के छोटे भाई लक्ष्मण ने उनसे कहा, मैं आपसे छोटा हूं इसलिए आपकी सारी आज्ञा मानता हूं। इस पर श्रीराम ने उन्हें वरदान दिया कि अगले जन्म में वह उनके बड़े भाई बनेंगे। इसीलिए द्वापर युग में जब भगवान विष्णु जी ने श्रीकृष्ण रूप में अवतार लिया तो बलराम का जन्म उनके बड़े भाई के रूप में हुआ।