होली लोकगीत - जोगीरा
होली लोकगीत
होली लोकगीत उत्तर भारत का एक लोकप्रिय लोकगीत है। इसमें होली खेलने का वर्णन होता है। यह हिंदी के अतिरिक्त राजस्थानी, पहाड़ी, बिहारी, बंगाली आदि अनेक प्रदेशों की अनेक बोलियों में गाया जाता है। इसमें देवी देवताओं के होली खेलने से अलग अलग शहरों में लोगों के होली खेलने का वर्णन होता है। देवी देवताओं में राधा-कृष्ण, राम-सीता और शिव के होली खेलने के वर्णन मिलते हैं। इसके अतिरिक्त होली की विभिन्न रस्मों की वर्णन भी होली में मिलता है। इस लोकगीत को शास्त्रीय या उप-शास्त्रीय संगीत में ध्रुपद, धमार, ठुमरी या चैती के रूप में भी गाया जाता है।
जोगीरा
जोगीरे होते क्या हैं इसके बारे में सही-सही नहीं कहा जा सकता। शायद इसकी उत्पत्ति योगियों की हठ-साधना, वैराग्य और उलटबाँसियों का मजाक उड़ाने के लिए हुई हो। मूलतः यह समूह गान है। प्रश्नोत्तर शैली में एक समूह सवाल पूछता है तो दूसरा उसका जवाब देता है जो प्रायः चौंकाऊ होता है। प्रश्न और उत्तर शैली में निरगुन को समझाने के लिए गूढ़ अर्थयुक्त उलटबाँसियों का सहारा लेने वाले काव्य की प्रतिक्रिया में इन्हें रोजमर्रा की घटनाओं से जोड़कर रचा गया है।
परम्परागत जोगीरा
परम्परागत जोगीरा काम-कुंठा का विरेचन है। एक तरह से उसमें काम-अंगों, काम-प्रतीकों की भरमार है। सम्भ्रान्त और प्रभु वर्ग को जोगीरा के बहाने गरियाने और उनपर अपना गुस्सा निकालने का यह अपना ही तरीका है। वास्तव में होली खुलकर और खिलकर कहने की परंपरा है। यही कारण है कि जोगीरे की तान में आपको सामाजिक विडम्बनाओं और विद्रूपताओं का तंज दिखता है। होली की मस्ती के साथ वह आसपास के समाज पर चोट करता हुआ नज़र आता है।
केकरे हाथे ढोलक सोहै, केकरे हाथ मंजीरा।
केकरे हाथ कनक पिचकारी, केकरे हाथ अबीरा॥
राम के हाथे ढोलक सोहै, लछिमन हाथ मंजीरा।
भरत के हाथ कनक पिचकारी, शत्रुघन हाथ अबीरा॥
हो रंग भरके चुन्नर तूने ओढ़ी जो सर पे
ओ अज मौज में झूमे सारे भांग रगड़के
ओ रंग भरके चुन्नर तूने ओढ़ी जो सर
मौज में झूमे सारे भांग रगड़के
पकड़ी कलाई तेरी, भागे जो तू छत पे
तूने लगाया जो गुलाल मेरी शर्ट पे
आँखें नशीली बाल पीले हो गए
जोगीरा सारा रा रा
जोगीरा सारा रा रा
जोगीरा सारा रा रा
होली में रंगीले हो गए
जोगीरा सारा रा रा
होली में रंगीले हो गए
तूने मारी पिचकारी
सारे गीले हो गए
रातें लाल दिन गुलाबी
शाम नीले हो गए
जोगीरा सारा रा रा
जोगीरा सारा रा रा
जोगीरा सारा रा रा
होली में रंगीले हो गए
जोगीरा सारा रा रा
होली में रंगीले हो गए
अपनी मस्ती वाली टोली है
रंग भरी तेरी चोली है
दिल हैं इश्क़-मिजाज़ी आज
बुरा ना मानो होली है..
सारा रा रा रा जोगीरा
सारा रा रा रा
सारा रा रा रा जोगीरा
सारा रा रा रा
रंग गुलाल के लगे जो गाल पे
देख तुझे धड़के दिल ताल पे
जोगी बन तेरे इश्क़ में डूबा
मगन रहुँ मैं अपने हाल पे..
हाल पे.. हाल पे
हाल पे.. हाल पे
हाल पे.. हाल पे
मस्त मैं अपने हाल पे
जो बात है मुझको कहने दो
भांग चढ़ी जो रहने दो
होली में जो हुए रंगीले
आज इश्क़ में बहने दो
मम्मी को तो पटा लिया
अब डैडी को समझाओ तो
चाँद सितारे बाद में लाना
धरती पे तुम आओ तो..
हाय ठंडी वो देसी वाली
जो तूने है बनायीं
बस पिला दे एक बार मुझे हस्के..
बंदा मैं सीधा साधा
बाकी गोपी तू राधा
भर लूँ मैं बाहों तुझीको आज कस के
गीले बदन पि कर ढीले हो गए..
ऐ ऐ ऐ
जोगीरा सारा रा रा
जोगीरा सारा रा रा
जोगीरा सारा रा रा
होली में रंगीले हो गए
जोगीरा सारा रा रा
होली में रंगीले हो गए
तूने मारी पिचकारी
सारे गीले हो गए
रातें लाल.. दिन गुलाबी
शाम नीले हो गए
जोगीरा सारा रा रा
जोगीरा सारा रा
जोगीरा सारा रा
होली में रंगीले हो गए
जोगीरा सारा रा रा
होली में रंगीले हो गए
अरे बुरा ना मानो होली है
सारा रा रा
जोगीरा सारा रा रा
होली में रंगीले हो गए
होली है
बुरा ना मानो होली है..!
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