जादू करके इंद्रेश उपाध्याय लिरिक्स हिंदी में
जादू करके… जादू करके… जादू करके ओ… जादू करके ओ पिया कित गयो जादू करके… जादू करके… जादू करके… जादू करके ओ… जादू करके ओ पिया कित गयो जादू करके… नंद नंदन पिया कपट जो किन्हो… नंद नंदन पिया कपट जो...
गीत गोविन्द : दिव्य धुन
श्रितकमलाकुचमण्डल धृतकुण्डल ए। कलितललितवनमाल जय जय देव हरे॥ दिनमणिमण्डलमण्डन भवखण्डन ए। मुनिजनमानसहंस जय जय देव हरे ॥ कालियविषधरगंजन जनरंजन ए। यदुकुलनलिनदिनेश जय जय देव हरे ॥ मधुमुरनरकविनाशन...
राक्षस बकासुर का वध
वृन्दावन के विचित्र गांव में, जहां हर दिन कृष्ण की बांसुरी की मधुर धुन और ग्वालों और गोपियों की हर्षित हंसी से भरा रहता था, क्षितिज पर एक खतरनाक खतरा मंडरा रहा था। बकासुर, एक खूंखार राक्षस जो अपनी...
ऐसी लागी लगन मीरा हो गई मगन भजन
है आँख वो जो श्याम का दर्शन किया करे है शीश जो प्रभु चरण में वंदन किया करे बेकार वो मुख है जो रहे व्यर्थ बातों में मुख वो है जो हरी नाम का सुमिरन किया करे हीरे मोती से नहीं शोभा है हाथ की है हाथ जो...
श्री कृष्ण आरती - आरती कुंजबिहारी की
आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥ गले में बैजंती माला, बजावै मुरली मधुर बाला । श्रवण में कुण्डल झलकाला, नंद के आनंद नंदलाला । गगन सम अंग कांति काली, राधिका चमक रही आली । लतन...
वनवास के दौरान द्रौपदी के पास महर्षि दुर्वासा के आने की कहानी
पांडवों के वनवास के दौरान आए दिन कोई न कोई ब्राह्मण उनके यहां भोजन करने आया ही करते थे। वन में निवास कर रहे श्रेष्ठ ब्राह्मणों को भोजन की कोई कमी न हो, इसके लिए युधिष्ठिर ने तपस्या करके भगवान सूर्य...