जाम्बवंत जी को हनुमान जी की शक्तियां व उनको मिले श्राप के बारें में ज्ञान था व यह सही समय था हनुमान को उनकी भूली हुई शक्तियों को याद दिलाने का इसलिये जाम्बवंत जी ने हनुमान को उस समय की सारी बात बताई व उनकी शक्तियों का बखान किया। जाम्बवंत जी के द्वारा पुनः याद दिलाने के कारण हनुमान को ऋषि मुनियों के श्राप से मुक्ति मिली व फिर से उनके अंदर वही तेज व बल वापस आ गया जिसके बल पर उन्होंने माता सीता को खोज निकाला व भगवान श्रीराम की सहायता की।