परशुराम ने गणेश जी से काफी विनती की लेकिन वो नहीं माने आखिरकार परशुराम ने गणपति को युद्ध की चुनौती दी। इस चुनौती को स्वीकार करते हुए गणेश जी ने युद्ध किया लेकिन इस दौरान परशुराम के फरसे के वार से उनका एक दांत टूट गया और वे एकदंत कहलाए।
उनके नाम को लेकर यह उल्लेख है कि उनके माथे पर सींग जैसा उभार होने की वजह से उनका यह नाम पड़ा था।
उत्तरकाशी जिले के कैलासू क्षेत्र के निवासियों का मानना है कि भगवान गणेश का जन्म यहां के ताजे पानी के झील डोडीताल में हुआ था।