वैदिक युग की कथाओं के अनुसार ऋषि अत्रि का विवाह अनसूया देवी से हुआ था। उनके तीन बेटे थे, दत्तात्रेय, दुर्वासा और चंद्र ।
सफला एकादशी का अर्थ सौभाग्य, भाग्य, धन, समृद्धि, सफलता और वृद्धि के द्वार खुलने का प्रतीक है।
कर्क राशि में स्थित पुष्य नक्षत्र को सांसारिक सुख की दृष्टि से कम लाभकारी नक्षत्रों में से एक माना जा सकता है, क्योंकि इसका स्वामी शनि इसके राशि स्वामी चंद्रमा का कट्टर शत्रु है।