दुरात्मा कीचक
द्रौपदी के साथ पाण्डव वनवास के अंतिम वर्ष अज्ञातवास के समय में वेश तथा नाम बदलकर राजा विराट के यहां रहते थे| उस समय द्रौपदी ने अपना नाम सैरंध्री रख लिया था और विराट नरेश की रानी सुदेष्णा की दासी...
कृपाचार्य तथा द्रोणाचार्य की कथा
गौतम ऋषि के पुत्र का नाम शरद्वान था। उनका जन्म बाणों के साथ हुआ था। उन्हें वेदाभ्यास में जरा भी रुचि नहीं थी और धनुर्विद्या से उन्हें अत्यधिक लगाव था। वे धनुर्विद्या में इतने निपुण हो गये कि देवराज...
बर्बरीक - महाभारत की कहानी
बर्बरीक घटोत्कच का पुत्र और हिडिम्बा और भीम का पोता था। बर्बरीक बचपन से ही बहुत साहसी योद्धा था। उनकी माता, माता अहिल्यावती (बासुकी नाग की पुत्री) ने उन्हें युद्ध कला सिखाई। "तीन तीरों का वाहक" बर्बरीक...
महाबली भीमसेन
भीमसेन कुंती का दूसरा पुत्र था| इसका जन्म पवन देवता के संयोग से हुआ था, इसी कारण इसमें पवन की-सी शक्ति थी| इसके उदर में वृक नामक तीक्ष्ण अग्नि थी, इसीलिए इसका नाम वृकोदर भी पड़ा| जिस समय इसका जन्म हुआ,...
सच्चा वीर युयुत्सु
धृतराष्ट्र के एक वैश्य वर्ण की पत्नी थी| उसी के गर्भ से युयुत्सु का जन्म हुआ था| युयुत्सु का स्वभाव गांधारी के सभी पुत्रों से बिलकुल अलग था| वह आपसी कलह और विद्वेष का विरोधी था और सदा धर्म और न्याय...
परीक्षित के जन्म की कथा
परीक्षित के जन्म की कथा जब द्रौपदी को खबर मिली कि उसके पांच पुत्रों को अश्वत्थामा ने मार डाला है, तो वह अनिश्चितकालीन उपवास पर बैठ गई और कहा कि वह उपवास तभी तोड़ेगी जब उसे अश्वत्थामा के माथे पर...