युधिष्ठिर से संबंधित कहानियां और कथाएं

वनवास के दौरान द्रौपदी के पास महर्षि दुर्वासा के आने की कहानी

पांडवों के वनवास के दौरान आए दिन कोई न कोई ब्राह्मण उनके यहां भोजन करने आया ही करते थे। वन में निवास कर रहे श्रेष्ठ ब्राह्मणों को भोजन की कोई कमी न हो, इसके लिए युधिष्ठिर ने तपस्या करके भगवान सूर्य...

जब सहदेव ने खाया अपने पिता पांडु का मांस

जब सहदेव ने खाया अपने पिता पांडु का मांस महाभारत से जुड़े ऐसे कई रहस्य हैं, जिनके बारे में बहुत कम ही लोगों को पता है। ऐसा ही एक रहस्य पांडवों से जुड़ा हुआ है, जिसके बारे में जानकर आपको बेहद हैरानी...

कुंती का त्याग

पाण्डव अपनी मां कुंती के साथ इधर से उधर भ्रमण कर रहे थे| वे ब्राह्मणों का वेश धारण किए हुए थे| भिक्षा मांगकर खाते थे और रात में वृक्ष के नीचे सो जाया करते थे| भाग्य और समय की यह कैसी अद्भुत लीला है|...

जब द्रोणाचार्य ने पाण्डव तथा कौरव राजकुमारों के शस्त्रास्त्र विद्या की परीक्षा ली

द्रोणाचार्य ने पाण्डव तथा कौरव राजकुमारों के शस्त्रास्त्र विद्या की परीक्षा लेने का विचार किया। इसके लिये एक विशाल मण्डप बनाया गया। वहाँ पर राज परिवार के लोग तथा अन्य प्रतिष्ठित व्यक्ति उपस्थित...

कपटी शकुनि

शकुनि गांधारराज सुबल का पुत्र था | गांधारी इसी की बहन थी | वह गांधारी के स्वभाव से विपरीत स्वभाव वाला था | जहां गांधारी के स्वभाव में उदारता, विनम्रता, स्थिरता और साधना की पवित्रता थी, वहीं शकुनि के...

भीम जब पहुंचे नागलोक में

पाँचों पाण्डव - युधिष्ठिर, भीम, अर्जुन, नकुल और सहदेव - पितामह भीष्म तथा विदुर की छत्रछाया में बड़े होने लगे। उन पाँचों में भीम सर्वाधिक शक्तिशाली थे। वे दस-बीस बालकों को सहज में ही गिरा देते थे।...