परशुराम
मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम जिनका सादर नमन करते हों, उन शस्त्रधारी और शास्त्रज्ञ भगवान परशुराम की महिमा का वर्णन शब्दों की सीमा में संभव नहीं। वे योग, वेद और नीति में निष्णात थे, तंत्रकर्म तथा...
जब हनुमान जी ने गरुड़, सुदर्शन चक्र तथा सत्यभामा का घमंड चूर किया
संसार में किसी का कुछ नहीं| ख्वाहमख्वाह अपना समझना मूर्खता है, क्योंकि अपना होता हुआ भी, कुछ भी अपना नहीं होता| इसलिए हैरानी होती है, घमण्ड क्यों? किसलिए? किसका? कुछ रुपये दान करने वाला यदि यह कहे...
जाम्बवन्त से सम्बंधित पौराणिक कथा
जांबवंत जी का जन्म ब्रह्मा जी से ही हुआ था उनकी पत्नी का नाम जयवंती था। यह जब जवान थे, तब भगवान् त्रिविक्रम वामन जी का अवतार हुआ। तब भगवान्, बलि के पास तीन पग भिक्षा मांगने गए और बलि तैयार भी हो गया,...
रामायण युद्ध में हनुमान
रामायण के सुन्दर-काण्ड में हनुमान जी के साहस और देवाधीन कर्म का वर्णन किया गया है। हनुमानजी की भेंट रामजी से उनके वनवास के समय तब हुई जब रामजी अपने भ्राता लछ्मन के साथ अपनी पत्नी सीता की खोज कर रहे...
अहिल्या की कथा
राम और लक्ष्मण ऋषि विश्वामित्र के साथ मिथिलापुरी के वन उपवन आदि देखने के लिये निकले तो उन्होंने एक उपवन में एक निर्जन स्थान देखा। राम बोले, "भगवन्! यह स्थान देखने में तो आश्रम जैसा दिखाई देता है...
कैसे एक गिलहरी ने भगवान राम को पुल बनाने में मदद की
भगवान राम को अपनी पत्नी सीता को बचाने के लिए समुद्र के पार लंका तक एक पुल बनाने की जरूरत थी। भगवान राम मर्यादा पुरुषोत्तम (सबसे महान) थे, और सभी के द्वारा पूजनीय थे, और सीता भूमि देवी की बेटी होने...