तुलसी का विवाह राक्षस कुल में दानव राज जलंधर से हो गया,जलंधर समुद्र से उत्पन्न हुआ था। पुराणों में लिखा है कि माता तुलसी के पति जालंधर बहुत अत्याचारी थे. संसार के लोग भी जालंधर के अत्याचार से त्रस्त थे. यहाँ तक कि विष्णु भगवान को भी जलांधर ने ललकार कर युद्ध किया था तुलसी को मां लक्ष्मी की अमांसा माना जाता है तुलसी मन और आत्मा से भगवान विष्णु को अपना पति मानती हैं। यही कारण है कि हर साल देवउठनी एकादशी पर विष्णु जी के स्वरूप शालिग्राम एवं तुलसी का विवाह कराया जाता है समुद्र मंथन के दौरान तुलसी समुद्र से निकलीं।