एक चूहे के आकार में सिकुड़ कर, हनुमान सीता की तलाश में लंका से भागे। उन्होंने उसे रावण के महल के पास एक अशोक वाटिका में बंदी पाया।
रामायण में संजीवनी बूटी द्वारा लक्ष्मण के प्राण बचाने के प्रसंग को हम सभी बखबूी जानते हैं। हनुमान लंका से संजीवनी लेने के लिए हिमालय पर्वत पर आए थे और यहीं से वो संजीवनी बूटी नहीं बल्कि पूरा पहाड़ ही उठाकर ले गए थे।