उस धनुष का नाम पिनाक था, जिसका उपयोग भगवान राम ने सीता स्वयंवर में किया था। माता सीता के पिता जनक महाराज लगता है पृथ्वी पर अब कोई बचा ही नहीं जो स्वयंवर जीतने का साहस कर सके? तब लक्ष्मण जी भी क्रोधित होकर सभा में बोलने लगे, तब गुरु की आज्ञा पाकर श्रीराम ने सीता स्वयंवर का धनुष तोड़ दिया। उसके बाद बहुत धूमधाम से श्री राम या माता सीता का विवाह हुआ राम के साथ उनके चारो भाई का विवाह भी माता सीता की बहनो के साथ हुआ फिर सभी ने अयोध्या की ओर प्रस्थान किया।
लक्ष्मण को हिन्दू धर्म में भगवान विष्णु के एक अवतार, यानी की शेषनाग का अवतार माना जाता है। और श्री राम के छोटे भाई है। वह भगवान राम के चारों भाइयों में से एक थे और लक्ष्मण को हिन्दू धर्म में भगवान विष्णु के अवतार राम का भाई माना जाता है। उन्होंने भगवान राम के साथ उनकी पत्नी सीता का अपहरण के बाद वनवास और वनवास के दौरान उनका सहारा दिया था। लक्ष्मण को धर्म, समर्पण, और भक्ति के प्रतीक के रूप में पूजा जाता है। वह रामायण में महत्वपूर्ण पात्र निभाते हैं और उनका संयुक्त चित्रण भारतीय समाज में भक्ति और विश्वास का प्रतीक है। लक्ष्मण ने अपने भाई राम और भाबी सीता के साथ अयोध्या के वनवास के दौरान उनकी सहायता की और उनके साथ वन में रहकर अनेक कठिनाइयों का सामना किया।
रावण कई विद्याएं, वेद, पुराण, नीति, दर्शनशास्त्र, इंद्रजाल आदि में पारंगत था।