ऐसा माना जाता है कि भगवान मुरुगन का जन्म भगवान शिव की तीसरी आंख से निकली छह चिंगारी से हुआ था। ऐसा कहा जाता है कि अग्नि (अग्नि देवता) ने इन चिंगारी को उठाया और उन्हें सरवण नामक एक तालाब में रख दिया, जहाँ प्रत्येक कमल पर छह बच्चे पैदा हुए थे।
कार्तिकेय के माता - पिता भगवान् शिव तथा माता पार्वती थीं !
मनसा देवी मंदिर, हरिद्वार
यह मंदिर अत्यंत ही प्रसिद्ध है तथा हरिद्वार से 3 किमी की दूरी पर स्थित है। यहाँ पर माता शक्तिपीठ पर स्थापित दुख दूर करतीं हैं। यहाँ 3 मंदिर हैं। यहाँ के एक वृक्ष पर सूत्र बाँधा जाता है परंतु मनसा पूर्ण होने के बाद सूत्र निकालना आवश्यक है।[10][11]
यह मंदिर सुबह ८ बजे से शाम ५ बजे तक खुला रहता है। दोपहर में 2 घंटे के लिए १२ से २ तक मंदिर के पट बंद कर दिए जाते है जिसमे माँ मनसा का श्रृंगार और भोग लगता है। मंदिर परिसर में एक पेड़ है जिसपे भक्त मनोकामना पूर्ति के लिए एक पवित्र धागा बांधते है।
मनसा देवी मंदिर, पंचकुला
माता मनसा चंडीगढ़ के समीप पंचकूला में विराजमान होकर दुख दूर करतीं हैं। यहाँ नवरात्रि में भव्य मेले का आयोजन प्रतिवर्ष होता है, यह 100 एकड़ में फैला विशाल मंदिर है। यह मंदिर सन् 1811-1815 के मध्य राजा गोलासिह द्वारा बनवाया गया था।