कैकेयी चाहती थीं कि उनके पुत्र भरत को अयोध्या के राजा के रूप में ताज पहनाया जाए। वह दशरथ के ज्येष्ठ राम के प्रति समस्त अयोध्या की भावनाओं को जानती थी।
दशरथ के अश्वमेघ तथा पुत्रकामेष्टि यज्ञ को शृंगि ऋषि ने पूर्ण कराया
केकैय ने वर्तमान झेलम, शाहपुर और गुजरात (पाकिस्तान) के क्षेत्रों में निवास किया था। केकय पंजाब में गंधार का पूर्ववर्ती प्रदेश अर्थात् आजकल के रावलपिंडी पेशावर के आसपास के प्रदेश का प्राचीन नाम। ईक्ष्वाकुवंशी राजा दशरथ की रानी कैकेयी यहीं की राजकन्या थीं। भरत की माँ थी ...