नल-नीलनल-नील रामायण के पात्र हैं। उन्होंने सागर के ऊपर सेतु का निर्माण किया था। नल-नील जिस भी बस्तु को छूते थे । वह बस्तु कभी भी जल में नही डूबती थी।
निषादराजनिषादराज निषादों के राजा का उपनाम है। वे ऋंगवेरपुर के राजा थे, उनका नाम गुह था। वे निषाद समाज के थे और उन्होंने ही वनवासकाल में राम, सीता तथा लक्ष्मण को गंगा पार करवाया था। कहार भील निषाद समाज आज भी इनकी पूजा करते है।निषादराज ने प्रभु श्रीराम को गंगा पार कराया। वह श्रंगपेगपुर (गोरखपुर,उप्र)...
पुलस्त्य - सप्तर्षिगणों में से एक ऋषिपुलस्त्य या पुलस्ति हिन्दू पौराणिक कथाओं के एक पात्र हैं। ये कथाएँ इन्हें ब्रह्मा के दस मानस पुत्रों में से एक बताती हैं। ये इन्हें प्रथम मन्वन्तर के सात सप्तर्षियों में से एक भी बताती हैं। विष्णुपुराण के अनुसार ये ऋषि उन लोगों में से एक हैं जिनके माध्यम...
प्रहस्तप्रहस्त रावण का सेनापति था।
माण्डवी हिंदू महाकाव्य रामायण में कुशध्वज की बेटी थीं और उनकी माता रानी चंद्रभागा थीं। उनकी एक छोटी बहन श्रुतकीर्ति थी। वह कैकेयी के पुत्र और राम के छोटे भाई भरत की पत्नी थीं। उनके दो बेटे थे- तक्ष और पुष्कल।
मयासुरमय या मयासुर, कश्यप और दनु का पुत्र, नमुचि , हयग्रीव , शुम्भ-निशुम्भ , वप्रिचिती और स्वरभानु का भाई, एक प्रसिद्ध दानव है । यह ज्योतिष तथा वास्तुशास्त्र का आचार्य था। मय ने दैत्यराज वृषपर्वन् के यज्ञ के अवसर पर बिंदुसरोवर के निकट एक विलक्षण सभागृह का निर्माण कर अपने अद्भुत शिल्पशास्त्र...
माया सीतामाया सीता (या छाया सीता) हिंदू महाकाव्य रामायण के कुछ रूपांतरों के अनुसार वास्तविक देवी सीता (ग्रन्थ की नायिका) का मिथ्य रूप था जिसका असल रूप से लंका के दानव राजा रावण द्वारा अपहरण किया गया था।रामायण में अयोध्या के राजकुमार और भगवान विष्णु के अवतार राम की पत्नी सीता का रावण द्वारा...
मायावी रामायण के किष्किन्धाकाण्ड में एक भयानक दैत्य था। वह माया नाम की असुर स्त्री का पुत्र तथा दुंदुभि नामक दैत्य का बड़ा भाई बताया गया है। दोनों भाइयों का वध बालि के हाथों हुआ था।
मारीचमारीच रामायण का एक दुष्ट पात्र है। मारीच ताड़का का पुत्र था तथा उसक पिता का नाम सुन्द था।
माल्यवानमाल्यवान, रावण का मुख्य सचिव था৷ वे सुकेश और देववती के पुत्र थे और सुमाली और माली के भाई तथा रावण के नाना थे৷ माल्यवान की पत्नी राक्षसिन सुन्दरी थी ৷
मेघनादमेघनाद' अथवा इन्द्रजीत रावण के पुत्र का नाम है। अपने पिता की तरह यह भी स्वर्ग विजयी था। इंद्र को परास्त करने के कारण ही ब्रह्मा जी ने इसका नाम इन्द्रजीत रखा था। इसका नाम रामायण में इसलिए लिया जाता है क्योंकि इसने राम- रावण युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसका नाम उन योद्धाओं में...
मेनकामेनका स्वर्गलोक की छह सर्वश्रेष्ठ अप्सराओं में से एक है। यह उल्लेख किया गया है कि उसने ऋषि विश्वामित्र की तपस्या भँंग की। मेनका को स्वर्ग की सबसे सुन्दर अप्सरा माना जाता था।मेनका वृषणश्र (ऋग्वेद १-५१-१३) अथवा कश्यप और प्राधा (महाभारत आदिपर्व, ६८-६७) की पुत्री तथा ऊर्णयु नामक गंधर्व की...