रामायण से संबंधित कहानियां और कथाएं

विश्वामित्र को ब्राह्मणत्व की प्राप्ति

देवताओं के चले जाने के बाद विश्वामित्र भी ब्राह्मण का पद प्राप्त करने के लिये पूर्व दिशा में जाकर कठोर तपस्या करने लगे‌।‌ इस तपस्या को भ़ंग करने के लिए नाना प्रकार के विघ्न उपस्थित हुए किन्तु...

रावण के दस सिर क्यों थे

भगवान ब्रह्मा को प्रसन्न करने के लिए, रावण ने कई वर्षों तक घोर तपस्या (तपस्या) की। एक दिन भगवान ब्रह्मा को प्रसन्न करने के लिए, उन्होंने अपना सिर काटने का फैसला किया। जब उसने अपना सिर काट दिया, तो...

जब हनुमान जी से हारे शनि देव

शनि के नाम से ही हर व्यक्ति डरने लगता है। शनि की दशा एक बार शुरू हो जाए तो साढ़ेसात साल बाद ही पीछा छोड़ती है। लेकिन हनुमान भक्तों को शनि से डरने की तनिक भी जरूरत नहीं। शनि ने हनुमान को भी डराना चाहा...

राम हनुमान से मिलते हैं।

लोकप्रिय हिंदू महाकाव्य, रामायण सभी भगवान राम और देवी सीता की कहानियों के बारे में है। हर कोई जो रामायण की कहानियों को जानता है, वह अपने भगवान श्री राम की सेवा के लिए भगवान हनुमान की लीला को नहीं...

हनुमान पुत्र मकरध्वज की कथा

पवनपुत्र हनुमान बाल-ब्रह्मचारी थे। लेकिन मकरध्वज को उनका पुत्र कहा जाता है। यह कथा उसी मकरध्वज की है।वाल्मीकि रामायण के अनुसार, लंका जलाते समय आग की तपिश के कारण हनुमानजी को बहुत पसीना आ रहा था।...

मेघनाद का राम रावण युद्ध में योगदान

कुम्भकर्ण के अन्त के बाद रावण के पास अब केवल एक उसका पुत्र इन्द्रजीत ही रह गया था। उसने इन्द्रजीत को आदेश दिया कि वह युद्ध की ओर कूच करे ।इन्द्रजीत ने अपने पिता के आदेश पर सबसे पहले कुलदेवी माता...