श्रीकृष्ण से संबंधित कहानियां और कथाएं

शांतिदूत श्रीकृष्ण |

विराट की राज सभा में मंत्रणा तेरहवां वर्ष पूरा होने पर पाण्डव विराट की राजधानी छोड़कर एक अन्य नगर उपलव्य में रहने लगे। उपलव्य नगर विराट राज्य में ही था। अज्ञातवास की अवधि पूरी हो चुकी थी, इसलिए...

हनुमान ने तोड़ा था सत्यभामा,सुदर्शन चक्र और गरुड़ तीनो का घमंड

हनुमान ने तोड़ा था सत्यभामा,सुदर्शन चक्र और गरुड़ तीनो का घमंड श्रीकृष्ण भगवान द्वारका में रानी सत्यभामा के साथ सिंहासन पर विराजमान थे। निकट ही गरूड़ और सुदर्शन चक्र भी बैठे हुए थे। तीनों के...

कालिया दमन

कृष्ण और कालिया नाग नाग की कहानी भगवान विष्णु का आठवां अवतार कृष्णा भगवान विष्णु के आठवें अवतार थे, और वे द्वापर युग के दौरान वृंदावन में रहते थे। गाँव के निवासी उसके और उसकी मनमोहक हरकतों के...

धर्मराज की धार्मिकता

महाराज युधिष्ठिर ने जब सुना कि श्रीकृष्ण ने अपनी लीला का संवरण कर लिया है और यादव परस्पर कलह से ही नष्ट हो चुके हैं, तब उन्होंने अर्जुन के पौत्र परीक्षित का राजतिलक कर दिया| स्वयं सब वस्त्र एवं आभूषण...

श्रीकृष्ण और रुक्मिणी विवाह

विदर्भ देश के राजा भीष्मक के पांच पुत्र और एक पुत्री थी| पुत्री का नाम रुक्मिणी था जो समकालीन राजकुमारियों में सर्वाधिक सुंदर और सुशील थी| उससे विवाह करने के लिए अनेक राजा और राजकुमार आए दिन विदर्भ...

पांडवों तथा कौरवों का जन्म

एक बार राजा पाण्डु अपनी दोनों पत्नियों - कुन्ती तथा माद्री - के साथ आखेट के लिये वन में गये। वहाँ उन्हें एक मृग का मैथुनरत जोड़ा दृष्टिगत हुआ। पाण्डु ने तत्काल अपने बाण से उस मृग को घायल कर दिया।...