भगवान विष्णु से संबंधित कहानियां और कथाएं

क्यों पीपल के वृक्ष के साथ ही शनिदेव के पूजन की परंपरा है ?

त्रेतायुग में एक बार बारिश के अभाव से अकाल पड़ा। तब कौशिक मुनि परिवार के लालन-पालन के लिए अपना गृहस्थान छोड़कर अन्यत्र जाने के लिए अपनी पत्नी और पुत्रों के साथ चल दिए। फिर भी परिवार का भरण-पोषण...

द्रौपदी का चीर हरण

महाभारत में युधिष्ठिर सब कुछ हार ने के बाद उन्होंने द्रौपदी को दाँव पर लगा दिया और दुर्योधन की ओर से मामा शकुनि ने द्रोपदी को जीत लिया। उस समय दुशासन द्रौपदी को बालों को पकड़कर घसीटते हुए सभा में...

भगवान विष्णु और नारद जी

एक बार नारद मुनि जी ने भगवान विष्णु जी से पूछा, हे भगवन!  आप का इस समय सब से प्रिय भक्त कौन है?, अब विष्णु तो भगवान है, सो झट से समझ गये अपने भक्त नारद मुनि की बात, ओर मुस्कुरा कर बोले! मेरा सब से प्रिय...

रक्षाबंधन की कहानी

रक्षाबंधन का त्योहार श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। भगवान विष्णु ने वामन अवतार धारण कर बलि राजा के अभिमान को इसी दिन चकानाचूर किया था। इसलिए यह त्योहार 'बलेव' नाम से भी प्रसिद्ध है। महाराष्ट्र...

जब माता लक्ष्मी ने बेटी बनकर माधव का कल्याण किया

एक बार भगवान विष्णु जी शेषनाग पर बेठे बेठे बोर हो गये, ओर उन्होने धरती पर घुमने का विचार मन में किया, वेसे भी कई साल बीत गये थे धरती पर आये, ओर वह अपनी यात्रा की तयारी मे लग गये, स्वामी को तेयार होता...