मान्यतानुसार कालिया एक अत्यन्त विषैला नाग था। मान्यता है कि इस पांच फण वाला नाग था। नंदगाँव के वन वृन्दावन में यमुना के अन्दर रहता था। वह कश्यप ऋषि का कद्रू के गर्भ से उत्पन्न पुत्र था।
धर्म ग्रंथो के अनुसार कालिया नाग के 100 सिर (फन) बताये जाते हैं !
बृजवासियों को भगवान इंद्र के प्रकोप से बचाने के लिए गोवर्धन पर्वत को उठाने के बाद पूजा की शुरुआत स्वयं भगवान कृष्ण ने की थी। इसीलिए गोवर्धन पर्वत के किनारे कृष्ण की मूर्ति की पूजा की जाती है।