रामचरित मानस में इस बात का उल्लेख है कि भगवान राम और रावण के युद्ध के दौरान अहिरावण वानर का रूप धरकर रामजी की सेना में शामिल हो गया था। रात्रि में वह अपनी जादुई शक्ति से सबको मूर्छित कर श्रीराम एवं लक्ष्मण का अपहरण कर उन्हें पाताल लोक ले गया था।
रावण की पहली पत्नी का नाम मंदोदरी था. मंदोदरी राक्षसराज मयासुर की बेटी थीं. इंद्रजीत, मेघनाद, महोदर, प्रहस्त, विरुपाक्ष भीकम वीर मंदोदरी की ही संतानें थीं. वहीं, रावण की दूसरी पत्नी का नाम धन्यमालिनी था...
वानरराज बाली किष्किंधा का राजा था और सुग्रीव का बड़ा भाई था. बालि को वरदान प्राप्त था कि उसके सामने जो भी यद्ध के लिए आएगा, उसका आधा बल बाली को प्राप्त हो जाएगा. उसने इस वरदान के कारण ही लंका के राजा रावण को हराया था और उसको छः माह तक कांख में रखा। उसके घमंड को तोड़ दिया रावण ने बाली से माफ़ी भी मांगी। बड़े राक्षसों को यमलोक पहुंचा दिया था