रामायण के अनुसार, भगवान राम, सीता और रावण पहले सीता के विशाल स्वयंवर के दौरान एक-दूसरे से मिले थे। इसका आयोजन उनके पिता जनक ने किया था। राजा जनक ने रावण को भी आमंत्रित किया।
रामायण (संस्कृत : रामायणम् = राम + आयणम् ; शाब्दिक अर्थ : 'राम की जीवन-यात्रा') रामायण को आदिकाव्य कहा जाता है, क्योंकि इसने वैदिक संस्कृत से भिन्न लौकिक संस्कृत में काव्यधारा का प्रवर्तन किया। इसके रचयिता वाल्मीकि आदिकवि कहे जाते हैं। जिन्होंने राम भगवान के जीवन को लोगो तक पहुंचाया। जबकी तुलसीदास द्वारा रामचरितमानस की रचना करीबन 465 वर्ष पूर्व की थी। वाल्मीकि रामायण को सबसे ज्यादा प्रमाणिक इसलिए भी माना जाता है क्योंकि वाल्मीकि भगवान राम के समकालीन ही थे और सीता ने उनके आश्रम में ही लव-कुश को जन्म दिया था।