राजमाला, त्रिपुरा के शाही कालक्रम के अनुसार, 15 अक्टूबर 1949 को भारतीय संघ में विलय से पहले कुल 184 राजाओं ने राज्य पर शासन किया था। तब से त्रिपुरा का इतिहास विभिन्न राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक विकासों से जुड़ा हुआ है।
हरे कृष्ण आंदोलन हिंदू धर्म की एक शाखा है, जिसे औपचारिक रूप से गौड़ीय वैष्णववाद के रूप में जाना जाता है।