पुष्य नक्षत्र को वैदिक ज्योतिष में सबसे शुभ नक्षत्रों में से एक माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि यह इसके प्रभाव में पैदा हुए लोगों के लिए सौभाग्य, समृद्धि और खुशी लाता है। इस नक्षत्र पर शनि ग्रह का शासन है, जो अनुशासन, कड़ी मेहनत और व्यावहारिकता का प्रतिनिधित्व करता है।
धनतेरस या धनत्रयोदशी और शरद पूर्णिमा भगवान कुबेर की पूजा करने के दो सबसे शुभ अवसर हैं