बलराम की पत्नी रेवती 21 हाथ लम्बी थीं जिनको बलराम जी ने अपने हल से खींचकर इन्हें छोटी किया था।
गरुड़ नागों और उनकी माता कद्रू का शत्रु है जिसने अपनी माता विनीता को दासी बना लिया था। वह किसी मिशन पर निकले आदमी की तरह सांपों का शिकार कर रहा था। नागा भयभीत थे क्योंकि यदि यह नरसंहार जारी रहा तो गरुड़ द्वारा नागाओं का सफाया कर दिया जाएगा।