ब्रह्मलोक
सनकादि ऋषि,नारद मुनि, दक्ष प्रजापति और सप्त ऋषि
हनुमान चालीसा अवधी में लिखी एक काव्यात्मक कृति है जिसमें प्रभु राम के महान भक्त हनुमान के गुणों एवं कार्यों का चालीस चौपाइयों में वर्णन है।