नन्द के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की, कहकर भगवान कृष्ण को झूला झुलाकर घी के दीपक और धूपबत्ती से आरती उतारें। अंत में प्रसाद वितरण व ग्रहण करें और रातभर उनके मंगल भजन-कीर्तन करते हुए रतजगा करें।