काली जी के अन्य नाम सती, रुद्रानी, पार्वती, छिन्नमस्तिका, कामाक्षी, उमक मेनाक्षी, हिमावती और कुमारी है
पार्वती आत्मविश्वास से युद्ध में चली गईं, लेकिन जब उनका सामना राक्षसों से हुआ, तो उन्होंने अपना माथा सिकोड़ लिया और उनका क्रोधी रूप काली प्रकट हुआ।
ब्राह्मणी,गायत्री, दुर्गा, शक्ति, वागेश्वरी, वाणिश्वरी, बुद्धिदात्री, सिद्धिदात्री, आदि पराशक्ति, जगजन्नी, भारती, शारदा, हमंसवाहिनी, भगवती सावित्री , ब्रह्मचारिणी, वरदायनी,चंद्रघंटा, भुवनेश्वरी, भगवती, जगदम्बा एवं अन्य अनगिनत नाम !
इस दिन भगवान कृष्ण, मां काली, यम और हनुमान सभी का सम्मान किया जाता है। ऐसा कहा जाता है कि उनकी पूजा करने से पापों का प्रायश्चित करने और खुद को ऊपर उठाने में मदद मिलती है।