चतुरानन , श्वेताम्बर , ब्रह्मेश , रचियेता आदि !
भगवान दत्तात्रेय, ब्रह्मा, विष्णु, महेश की शक्तियों से प्रकट हुए थे ये हर साल अगहन महीने की पूर्णिमा पर दत्तात्रेय जयंती मनाई जाती है। मान्यताओं के अनुसार भगवान दत्तात्रेय को ब्रह्मा, विष्णु, महेश तीनों का ही स्वरूप माना जाता है।
अत्रि ऋषि सती अनुसुईया के पति थे। सती अनुसुईया सोलह सतियों में से एक थीं। जिन्होंने अपने तपोबल से ब्रम्हा, विष्णु एवं महेश को बालक रूप में परिवर्तित कर दिया था। पुराणों में वर्णित है कि इन्हीं तीनों देवों ने माता अनुसुईया से वरदान प्राप्त किया था, कि हम आपके पुत्र रूप में आपके गर्भ से जन्म लेंगे ।