हनुमान जी से संबंधित प्रश्न और उत्तर

-हनुमान जी के बारह नामों का नित्य नियम से पाठ करने से मनोकामना पूर्ण होती हैं।

-प्रातः काल उठते ही हनुमान जी के बारह नामों का 11 बार पाठ करने वाला व्यक्ति दीर्घायु होता है।

-दोपहर के समय हनुमान जी के बारह नामों के पाठ करने से लक्ष्मी जी की प्राप्ति होती हैं। 

-धन-धान्य की वृद्धि होती है और घर में संपन्नता रहती हैं।

-संध्याकाल हनुमान जी के बारह नामों का पाठ करने से पारिवारिक सुखों की प्राप्ति होती है ।

-रात को सोते समय हनुमान जी के बारह नामों का जाप करने से शत्रु का नाश होता है। 

अंजनेया, अंजनिपुत्र, अंजनेयर, अंजनेयुडु और अंजनी सुता नाम सभी "अंजना के पुत्र" को दर्शाते हैं, जबकि केसरी नंदना या केसरीसुता, उनके पिता के आधार पर, "केसरी के पुत्र" को दर्शाता है। भगवान हनुमान के नाम हैं लेकिन हनुमान का असली नाम वायु देवता वायु के पुत्र अंजनीपुत्र के रूप में माना जा सकता है, वायुपुत्र है

रामायण में संजीवनी बूटी द्वारा लक्ष्मण के प्राण बचाने के प्रसंग को हम सभी बखबूी जानते हैं। हनुमान लंका से संजीवनी लेने के लिए हिमालय पर्वत पर आए थे और यहीं से वो संजीवनी बूटी नहीं बल्कि पूरा पहाड़ ही उठाकर ले गए थे।