रक्षाबंधन की कहानी
रक्षाबंधन का त्योहार श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। भगवान विष्णु ने वामन अवतार धारण कर बलि राजा के अभिमान को इसी दिन चकानाचूर किया था। इसलिए यह त्योहार 'बलेव' नाम से भी प्रसिद्ध है। महाराष्ट्र...
त्रिपुरासुर का वध
भयंकर असुर: त्रिपुरासुर असुर बाली की कृपा से त्रिपुरासुर एक भयंकर असुर बन गया था। त्रिपुरासुर के वध की कहानी महाभारत के कर्णपर्व में व्यापक रूप से वर्णित है। भगवान कार्तिकेय द्वारा तारकासुर...
भगवान विष्णु और नारद जी
एक बार नारद मुनि जी ने भगवान विष्णु जी से पूछा, हे भगवन! आप का इस समय सब से प्रिय भक्त कौन है?, अब विष्णु तो भगवान है, सो झट से समझ गये अपने भक्त नारद मुनि की बात, ओर मुस्कुरा कर बोले! मेरा सब से प्रिय...
गणेश का जन्म
गणेश का जन्म एक दिन माता पार्वती घर में कैलाश पर्वत पर स्नान करने की तैयारी कर रही थीं। जैसा कि वह परेशान नहीं होना चाहती थी, उसने अपने पति शिव के बैल नंदी से दरवाजे की रक्षा करने और किसी को भी पास...
भगवान अयप्पा - विष्णु और शिव के पुत्र
भगवान अयप्पा का जन्म केरल में सबरीमाला, दुनिया में सबसे प्रसिद्ध अयप्पा मंदिर का स्थान है और दुनिया के विभिन्न हिस्सों से उनकी जाति, पंथ और धर्म की परवाह किए बिना हर साल 50 मिलियन से अधिक भक्तों...
शिव विवाह
सती के विरह में शंकरजी की दयनीय दशा हो गई। वे हर पल सती का ही ध्यान करते रहते और उन्हीं की चर्चा में व्यस्त रहते। उधर सती ने भी शरीर का त्याग करते समय संकल्प किया था कि मैं राजा हिमालय के यहाँ जन्म...