भगवान कृष्ण के मुकुट में जो मोरपंख शोभायमान है उसके पीछे कई मान्यताएं हैं। कहते हैं कि प्रभु को इस मोरपंख से इतना लगाव था कि उन्होंने इसे अपने श्रृंगार का हिस्सा बना लिया था। प्रभु के हर स्वरूप में एक चीज जो समान है वो यह मोरपंख ही है।